
फरीदाबाद में आनंदमूर्ति गुरूमां का ज्ञान, भक्ति, योग समागम, जानिए क्या दिए संदेश
फरीदाबाद में आनंदमूर्ति गुरूमां ने ज्ञान, भक्ति, योग समागम के दूसरे दिन भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर विचार रखे।
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फरीदाबाद में आनंदमूर्ति गुरूमां ने ज्ञान, भक्ति, योग समागम के दूसरे दिन भारतीय संस्कृति और संस्कारों पर विचार रखे।

तरावड़ी के गुरुद्वारा साहिब में स्वर्गीय शकुंतला रानी की प्रार्थना सभा हुई, जिसमें मानवता और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

जानिए पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण का क्या महत्व है। पूर्वजों की शांति के लिए किए जाने वाले इन कर्मकांडों की पूरी जानकारी पढ़ें।

जानिए पितृ पक्ष और श्राद्ध का धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व। पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने और गया में पिंडदान से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।

रेवाड़ी के गुड़ियानी गांव में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पंडित राम जी महाराज ने सुखदेव मुनि के जन्म और वैराग्य की कथा सुनाई।

लाडवा में भूमि पूजन और ध्वजा पूजन के साथ रामलीला मंच निर्माण का शुभारंभ हुआ। 4 अक्टूबर से रामलीला का मंचन किया जाएगा।

नरवाना में आर्य समाज द्वारा हवन आयोजित किया गया। प्रधान चंद्रकांत आर्य ने पूर्णिमा और अमावस्या के उपवास को स्वास्थ्य के लिए उत्तम बताया।

पितृपक्ष 2026 में श्राद्ध और तर्पण का महत्व, विधि, सामग्री, कौन कर सकता है और सर्वपितृ अमावस्या से जुड़ी प्रमुख मान्यताएं जानिए।

श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला जीवन-दर्शन है।

तरावड़ी के भगत सिंह चौक पर बनने वाले भव्य तोरण द्वार को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। ट्रस्ट ने विधायक और नपा सचिव का आभार जताया।

जानें पितृपक्ष 2026 और महालय का महत्व। पित्रों के स्वागत, तर्पण, सेवा और संस्कारों से जुड़े इस महापर्व की पूरी जानकारी पढ़ें।

लाडवा में वामन द्वादशी मेला आयोजित हुआ, जिसमें उपाध्यक्ष सुमन सैनी ने शिरकत की। भगवान वामन का अवतार धर्म और सत्य की स्थापना का संदेश देता है।

पितृपक्ष श्राद्ध 26 सितंबर पूर्णिमा से शुरू होकर 10 अक्तूबर अमावस्या तक चलेंगे। जानिए इस दौरान क्या करें और क्या न करें।

गुरुग्राम में सहस्र चंडी महायज्ञ का समापन हुआ। शंकराचार्य ने युवा पीढ़ी में संस्कार और राष्ट्र प्रेम जगाने का आह्वान किया।

दीपक जलाने की परंपरा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, राजनीतिक असहमति और सांस्कृतिक संवेदनाओं के बीच संतुलन पर आधारित एक विचारप्रधान लेख।

नरवाना में शिव महापुराण कथा के सातवें दिन आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने ॐ नमः शिवाय को कलियुग का सार तत्व बताया और भक्तों को आशीर्वाद दिया।

नरवाना में शिव महापुराण कथा के छठे दिन आचार्य राजेंद्र महाराज ने नम: शिवाय मंत्र की महिमा का वर्णन किया और श्रद्धालुओं को शांति का संदेश दिया।

अलीगढ़ के श्री वार्ष्णेय मंदिर में राधाष्टमी पर राधा रानी का दुग्धाभिषेक किया गया। भजन संध्या में लोकेश शास्त्री मौजी बाबा ने बधाई दी।

नरवाना में शिव महापुराण कथा के पांचवें दिन आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने महाकाल और भगवान गणेश के जन्म की कथा का सुंदर वर्णन किया।

कैथल में ग्रेटर नोएडा के कार्यक्रम का निमंत्रण दिया गया, जहां 3 अक्टूबर को साईं बाबा की चरण पादुकाओं के दर्शन होंगे।

अम्बाला के बराड़ा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रथम प्रकाश पर्व और गुरुद्वारा का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

नरवाना में शिव महापुराण कथा के चौथे दिन आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने रुद्राक्ष की महिमा और शिव-पार्वती विवाह का वर्णन किया।

नरवाना में शिव महापुराण कथा के तीसरे दिन आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने कहा कि शिव और विष्णु एक-दूसरे के हृदय में निवास करते हैं।

जानिए सृष्टि के पहले इंजीनियर भगवान विश्वकर्मा की जयंती का इतिहास, धार्मिक महत्व और पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ी पूरी जानकारी।