नरवाना में शिव महापुराण कथा: आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने सुनाई महाकाल और गणेश जन्म की कथा

अटल हिन्द ब्यूरो। नरवाना, 18 सितंबर। श्री सिद्धिविनायक सेवा समिति, नरवाना की ओर से हुड्डा ग्राउंड, रेलवे रोड, नरवाना में श्री गणपति उत्सव एवं श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के पांचवें दिन वृंदावन से पधारे पूज्य आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा सुनाई। महाराज जी ने अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
भगवान शिव को महाकाल क्यों कहा जाता है
कथा के दौरान आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने श्रद्धालुओं को बताया कि भगवान शिव कालों के भी काल हैं। इसी वजह से उन्हें महाकाल के नाम से पुकारा जाता है। जो व्यक्ति सच्चे मन से महाकाल की पूजा और आराधना करता है, उसका कोई भी अनिष्ट नहीं कर सकता है। भगवान शिव ने जनमानस के कल्याण के लिए समुद्र मंथन से निकले कालकूट विष का पान किया था। तभी से उनका नाम नीलकंठ पड़ा था।
भगवान श्री गणेश के जन्म का प्रसंग
आचार्य राजेंद्र जी महाराज ने भगवान श्री गणेश के जन्म प्रसंग का बहुत ही भावपूर्ण वर्णन किया। माता पार्वती ने अपने शरीर के उबटन से एक सुंदर बालक की रचना की थी। इसके बाद माता पार्वती ने उस बालक में प्राण स्थापित कर उसे जीवित किया था। माता पार्वती ने उस बालक को द्वार पर पहरा देने का आदेश दिया था। माता ने कहा था कि उनकी अनुमति के बिना किसी को भी अंदर प्रवेश न करने दिया जाए। कुछ समय बाद भगवान शिव वहां पहुंचे। बालक ने माता की आज्ञा का पालन करते हुए भगवान शिव को भी अंदर जाने से रोक दिया। इस बात पर भगवान शिव क्रोधित हो गए और अंततः उन्होंने त्रिशूल से बालक का मस्तक अलग कर दिया। यह दृश्य देखकर माता पार्वती अत्यंत विलाप करने लगीं। माता पार्वती के क्रोध को शांत करने के लिए भगवान शिव ने अपने गणों को उत्तर दिशा में भेजा। गण हाथी के शिशु का मस्तक लाकर उस बालक के शरीर पर स्थापित कर आए और उसे पुनः जीवित किया। तभी से उनका नाम भगवान गणेश पड़ा।
भक्तों को विघ्न और बाधाओं से मुक्ति
महाराज जी ने सभी को बताया कि जो श्रद्धालु भगवान शिव और श्री गणेश की सच्चे मन से आराधना करता है, उसके जीवन के समस्त विघ्न और बाधाएं दूर हो जाती हैं। कार्यक्रम के प्रधान श्री कैलाश सिंगला के नेतृत्व में सभी श्रद्धालुओं ने धर्म का लाभ लिया। प्रधान श्री कैलाश सिंगला ने सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर भगवान शिव और श्री गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया। मंच का संचालन संयोजक विनोद मंगला ने किया।
गणमान्य लोग और सम्मान समारोह
कथा के पंचम दिवस के यजमान जयदेव बंसल, आशुतोष शर्मा, राजेश सिंगला (प्रॉपर्टी एडवाइजर), सुनील जिंदल, मोनू शर्मा तथा रानी पत्नी सुरजीत मोर रहे। कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे राजेश गोयल का विशेष सम्मान किया गया। इसके साथ ही भारत विकास परिषद तथा श्री जयराम हॉस्पिटल के डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान कैलाश सिंगला, पूर्व प्रधान नरेश जैन, राकेश शर्मा, संयोजक विनोद मंगला, कैशियर जयपाल बंसल, सलाहकार देवीराम गर्ग, सतीश बंसल, जितेंद्र जिंदल, राजेश बाता, पवन मित्तल, पंडित रोशन लाल वेदपाठी, तेजवंत राय गोयल, जियालाल गोयल, मा0 किशोरी लाल, संजय दीवान, अमन जांगड़ा, रमेश लोधर, अर्जुन गोयल सहित अन्य कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।