
कचहरी न जाना कविता: कैलाश गौतम का व्यंग्य आज भी क्यों सही?
नकवि कैलाश गौतम की ‘कचहरी न जाना’ कविता अदालती व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य करती है। चंदौली के कवि की यह रचना क्यों आज भी वायरल और प्रासंगिक है? जानें पूरा अर्थ।
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नकवि कैलाश गौतम की ‘कचहरी न जाना’ कविता अदालती व्यवस्था पर तीखा व्यंग्य करती है। चंदौली के कवि की यह रचना क्यों आज भी वायरल और प्रासंगिक है? जानें पूरा अर्थ।

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