रेवाड़ी में श्रीमद्भागवत कथा: गर्भ में ही सुखदेव मुनि ने किए नारायण के दर्शन, जन्म लेते ही तपस्या के लिए निकले

अटल हिन्द के लिए मनोज गोयल की रिपोर्ट के अनुसार, रेवाड़ी जिले के आदर्श गांव गुड़ियानी के पुराने मुख्य बाजार स्थित लाला शंभूदयाल धर्मशाला में श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आज द्वितीय दिवस था। श्रद्धालुओं ने सुखदेव मुनि के जन्म की सुंदर एवं प्रेरणादायी कथा का श्रवण किया।
कथा वाचक पंडित राम जी महाराज का संदेश
कथा वाचक पंडित राम जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश दिया। कथा के दौरान पंडित राम जी महाराज ने बताया कि श्री सूत जी ने 88 हजार संतों को सुखदेव जी के जन्म की कथा सुनाई थी। उन्होंने कहा कि सुखदेव मुनि का जीवन भगवान की भक्ति और वैराग्य का अद्भुत उदाहरण है।
सुखदेव मुनि का जन्म और वैराग्य प्रसंग
सुखदेव जी ने गर्भ में रहते हुए ही नारायण भगवान के दर्शन किए थे। उन्होंने परमात्मा के स्वरूप को जान लिया था। कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने बताया कि सुखदेव मुनि ने 12 वर्ष तक माता के गर्भ में निवास किया था। इसके बाद जब वे पृथ्वी पर आए तो जन्म लेते ही सांसारिक मोह-माया से दूर भगवान नारायण की तपस्या के लिए निकल पड़े। उनके जन्म और वैराग्य का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
सच्चा ज्ञान और परमात्मा के प्रति समर्पण
कथा वाचक ने कहा कि सुखदेव मुनि का जीवन यह संदेश देता है कि सच्चा ज्ञान मनुष्य को सांसारिक मोह से ऊपर उठाता है। भगवान के प्रति समर्पण मनुष्य को परमात्मा की ओर ले जाता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों और भगवान के जयकारों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रमुख उपस्थिति और आयोजकों का आह्वान
इस अवसर पर रामचंद्र गोयल, कंवरसिंह सैनी, विपिन गोयल, शिव भक्त, रहेजा, बंटी मुंशी, चीनू बंसल, मंजू शर्मा, कुसुम गोयल, सरोज गोयल, रेनू गोयल, रेखा गोयल, रजनी बंसल और रेखा बंसल मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामवासी एवं श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचकर कथा श्रवण करने और आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ लेने का आह्वान किया।