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प्रसिद्ध हिंदी कवियों, लेखकों की रचनाएं, कविताएं, कहानियां, पुस्तक समीक्षा (Book Reviews) और साहित्यिक सांस्कृतिक हलचल।

छिपा हुआ दुःख-दर्द: इंदौर के लेखक संजय एम तराणेकर की नई कविता
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छिपा हुआ दुःख-दर्द: इंदौर के लेखक संजय एम तराणेकर की नई कविता

इंदौर के लेखक संजय एम. तराणेकर की कविता छिपा हुआ दुःख-दर्द। जानिए जीवन के अनकहे दर्द और खामोशी की कहानी।

कविता: मेज़ों पर पानी का राज़ और अफसरशाही का अंदाज़, संजय एम तराणेकर की रचना
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कविता: मेज़ों पर पानी का राज़ और अफसरशाही का अंदाज़, संजय एम तराणेकर की रचना

संजय एम तराणेकर की कविता मेज़ों पर पानी का राज़, अफसरशाही और जल संकट पर आधारित रचना।

नशा है बुराई मेरे दोस्तों: डॉ. अशोक कुमार वर्मा की प्रेरणादायक कविता
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नशा है बुराई मेरे दोस्तों: डॉ. अशोक कुमार वर्मा की प्रेरणादायक कविता

डॉ. अशोक कुमार वर्मा की कविता नशा है बुराई मेरे दोस्तों के माध्यम से समाज को नशामुक्त राष्ट्र बनाने और खेल से जुड़ने का संदेश दिया गया है।

देह चली गई स्वर रह गया: लता मंगेशकर जयंती पर जानिए उनके संगीत और जीवन का पूरा सफर
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देह चली गई स्वर रह गया: लता मंगेशकर जयंती पर जानिए उनके संगीत और जीवन का पूरा सफर

लता मंगेशकर की जयंती पर जानिए उनके जीवन, संघर्ष, संगीत साधना और भारतीय संगीत में उनके अद्वितीय योगदान का पूरा सफर।

पुस्तक चर्चा: नाभिनाल का अटूट रिश्ता - माँ और संतान के शाश्वत संबंध की साहित्यिक यात्रा
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पुस्तक चर्चा: नाभिनाल का अटूट रिश्ता - माँ और संतान के शाश्वत संबंध की साहित्यिक यात्रा

विवेक रंजन श्रीवास्तव द्वारा संपादित काव्य संकलन नाभिनाल का अटूट रिश्ता पर आधारित पुस्तक चर्चा जो माँ और संतान के शाश्वत संबंध को दर्शाती है।

कविता: माँ को कुर्सी दे दो, उम्र की ढलती शाम में मिले सम्मान और मुस्कान
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कविता: माँ को कुर्सी दे दो, उम्र की ढलती शाम में मिले सम्मान और मुस्कान

इन्दौर के कवि संजय एम. तराणेकर की कविता माँ को कुर्सी दे दो में बुज़ुर्ग माँ के सम्मान और उनकी थकी हुई उम्र के लिए आसन की बात कही गई है।

कविता : संजा - मिट्टी की खुशबू का पर्व, लोक संस्कृति और परंपराओं का अनूठा चित्रण
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कविता : संजा - मिट्टी की खुशबू का पर्व, लोक संस्कृति और परंपराओं का अनूठा चित्रण

संजा पर्व और लोक संस्कृति पर आधारित विशेष कविता, जिसे कवि संजय एम. तराणेकर ने लिखा है।

देश में पहली बार दास्तानगोई शैली में पेश की गई वाजपेई दंपति द्वारा गांधी कथा,
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देश में पहली बार दास्तानगोई शैली में पेश की गई वाजपेई दंपति द्वारा गांधी कथा,

दिल्ली में पहली बार वाजपेई दंपति ने दास्तानगोई शैली में गांधी कथा प्रस्तुत की। संगोष्ठी में गांधी के जीवन और इतिहास से जुड़े कई अहम किस्से साझा किए गए।

प्रसिद्ध संत बाबा नीम करौली महाराज के शिष्य वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर केंद्रित पुस्तक 'वेदपाठी वासुदेव पंडित' का हुआ लोकार्पण
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प्रसिद्ध संत बाबा नीम करौली महाराज के शिष्य वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर केंद्रित पुस्तक 'वेदपाठी वासुदेव पंडित' का हुआ लोकार्पण

प्रसिद्ध संत बाबा नीम करौली महाराज के शिष्य वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर केंद्रित पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

लोरी मासूम थी या हमारी नजर बदल गई: पारंपरिक बालगीत और बदलते संदर्भों पर एक विचार
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लोरी मासूम थी या हमारी नजर बदल गई: पारंपरिक बालगीत और बदलते संदर्भों पर एक विचार

चंदा मामा लोरी के एक शब्द पर उठ रहे सवालों और बदलते संदर्भों के बीच पारंपरिक बालगीत की मासूमियत और हमारी दृष्टि पर एक विचार।

वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर आधारित पुस्तक का भव्य लोकार्पण, बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े थे तार
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वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर आधारित पुस्तक का भव्य लोकार्पण, बाबा नीम करौली महाराज से जुड़े थे तार

प्रसिद्ध संत बाबा नीम करौली महाराज के शिष्य वेदपाठी वासुदेव पंडित के जीवन पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया गया।

बेटी होने की सज़ा क्यों: संजय एम तराणेकर की कविता और हाई कोर्ट की टिप्पणी
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बेटी होने की सज़ा क्यों: संजय एम तराणेकर की कविता और हाई कोर्ट की टिप्पणी

बेटी होने की सज़ा क्यों विषय पर संजय एम तराणेकर की कविता और हाई कोर्ट की टिप्पणी।

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