नशा है बुराई मेरे दोस्तों: डॉ. अशोक कुमार वर्मा की प्रेरणादायक कविता

नशा है बुराई मेरे दोस्तों: डॉ. अशोक कुमार वर्मा की प्रेरणादायक कविता

डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा रचित कविता 'नशा है बुराई मेरे दोस्तों' में नशे से दूर रहने और जीवन में अच्छे कर्म करने का संदेश दिया गया है। इस कविता के माध्यम से समाज को एक महत्वपूर्ण सीख दी गई है कि कर्म वो करो, जो धर्म पर टिका हो, और धर्म है वही, जिसमें सबका भला हो।

नशा न करने का संदेश

रचयिता डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने कहा है कि नशा मत करो, नशा मत चुनो, और नशा मत रखो। नशा है बुराई, मेरे दोस्तों।

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नशे से दूर रहने के उपाय

नशा मत देखो, नशा मत सोचो, और नशा मत छुओ। नशे की चाह है बुरी, मेरे दोस्तों। नशे से बचो, नशे से डरो, और नशे की राह पर कदम न धरो। नशे की कमाई बुरी, मेरे दोस्तों।

खेल और सफलता की प्रेरणा

नशा छोड़ो, जी खेल से जोड़ो। पदक लाओ, ऊँचा पद पाओ, और यही है सच्चाई, मेरे दोस्तों।

नशामुक्त राष्ट्र बनाने का संकल्प

आओ मिलकर सौगंध उठाओ, और नशामुक्त राष्ट्र बनाओ। अंत में यही संदेश है कि नशा है बुराई, मेरे दोस्तों।

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