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#माँ का सम्मान

कविता: माँ को कुर्सी दे दो, उम्र की ढलती शाम में मिले सम्मान और मुस्कान
साहित्य

कविता: माँ को कुर्सी दे दो, उम्र की ढलती शाम में मिले सम्मान और मुस्कान

इन्दौर के कवि संजय एम. तराणेकर की कविता माँ को कुर्सी दे दो में बुज़ुर्ग माँ के सम्मान और उनकी थकी हुई उम्र के लिए आसन की बात कही गई है।