लाडवा में संत तेजस्वी दास ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है

भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है : स्वामी तेजस्वी
संत श्री तेजस्वी दास अपने शिष्य सोमप्रकाश शर्मा के निवास पर पहुंचे
लाडवा /04अक्टूबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
संत श्री तेजस्वी दास जी महाराज ने लाडवा में अपने शिष्य सोम प्रकाश शर्मा के निवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित किया। श्रीमद्भागवत से बड़ा कोई अन्य ग्रंथ नहीं है और भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है। इससे जीवन में आध्यात्मिक शांति आती है जो श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान की कथा सुनता है, उसके सभी पापों का नाश होता है। वह प्रभु के चरणों की ओर अग्रसर होता है संत श्री तेजस्वी दास जी रविवार को वार्ड 10 में अपने शिष्य ओम प्रकाश शर्मा के निवास पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मनुष्य का जीवन भगवान की भक्ति के लिए
मनुष्य का जीवन भगवान की भक्ति और सेवा के लिए मिला है जो व्यक्ति अपना मन प्रभु की भक्ति में लगाता है, उसके जीवन के अनेक कष्ट स्वतः दूर होने लगते हैं। आज मनुष्य भौतिक सुखों के पीछे भागते हुए मानसिक शांति खोता जा रहा है ऐसे में भगवान का स्मरण, सत्संग और धार्मिक ग्रंथों का श्रवण ही मनुष्य को सही मार्ग दिखा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हमें अपने जीवन में दूसरों की बुराइयों को देखने और उनकी निंदा करने के बजाय उनके गुणों को अपनाने का प्रयास करना चाहिए जितना हो सके, प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों के भले के लिए नेक कार्य करने चाहिए।
सच्ची मानवता और धर्म का संदेश
हमारे किसी भी कार्य या व्यवहार से दूसरे व्यक्ति को कष्ट न पहुंचे, यही सच्ची मानवता और धर्म है भगवान की भक्ति केवल मंदिर तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद की सहायता करना भी प्रभु की सेवा है। किसी दुखी व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करना भी प्रभु की सच्ची सेवा है मनुष्य को अपने जीवन में अहंकार, क्रोध, लोभ और द्वेष को त्यागकर प्रेम, दया, करुणा और सेवा की भावना को अपनाना चाहिए। उन्होंने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति, कर्म और सदाचार का महत्व समझाया
सांसारिक सुखों से परे अच्छे कर्म
उनके प्रवचनों में विशेष रूप से यह संदेश रहता है कि मनुष्य को अपने जीवन को केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि प्रभु का स्मरण करते हुए अच्छे कर्मों को जीवन का आधार बनाना चाहिए। वे धार्मिक कथाओं और प्रसंगों को सरल भाषा में समझा कर श्रद्धालुओं को वर्तमान जीवन में उनके महत्व से अवगत कराते हैं इस अवसर पर पूजा शर्मा, मानव गर्ग, चारू, रीमा गर्ग और दीपिका सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे। दक्ष शर्मा, वंदना, सोनिया, बबीता और ममता अरोड़ा आदि भी मौके पर उपस्थित रहे