लाडवा में आज से सजेगा रामलीला का भव्य दरबार, रावण-वेदवती प्रसंग से होगा शानदार आगाज

लाडवा में आज से सजेगा रामलीला का भव्य दरबार
रावण-वेदवती प्रसंग से होगा आगाज, रोज रात को होगा मंचन
मानव गर्ग/लाडवा 03 अक्टूबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
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लाडवा में आज से श्री राम हनुमान रामलीला समिति की ओर से भव्य रामलीला का मंचन शुरू होने जा रहा है। यह आयोजन 4 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक ठाकुरी देवी स्कूल के नजदीक किया जाएगा। इस आयोजन से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- रविवार 4 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक होगा रामलीला का मंचन।
- ठाकुरी देवी स्कूल के नजदीक सजेगा रामलीला का भव्य दरबार।
- कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका प्रधान साक्षी खुराना द्वारा रिबन काटकर और महाआरती करके किया जाएगा।
- पहले दिन रावण-वेदवती प्रसंग रहेगा मुख्य आकर्षण।
रामलीला को लेकर पूरी हुई तैयारियां
लाडवा की श्री राम हनुमान रामलीला समिति की ओर से रविवार 4 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक ठाकुरी देवी स्कूल के नजदीक रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा। रामलीला को लेकर समिति की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार रात 9 बजे रामलीला का शुभारंभ होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका प्रधान साक्षी खुराना रिबन काटने के साथ-साथ महाआरती कर करेंगी।
कलाकारों की रिहर्सल और मंच का निर्माण
समिति के निर्देशक कुश गर्ग ने बताया कि रामलीला के सफल मंचन को लेकर समिति के सभी कलाकारों द्वारा 15 अगस्त से लगातार रिहर्सल की जा रही थी। अब कलाकारों की रिहर्सल पूरी हो चुकी है और सभी कलाकार मंचन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक प्रतिदिन रात 9 बजे से 11:30 बजे तक रामलीला का मंचन किया जाएगा। वहीं समिति की ओर से इस बार दर्शकों के लिए भव्य मंच का निर्माण कराया गया है। मंचन को आकर्षक बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्था और उत्साह
रामलीला को लेकर सभी कलाकारों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। समिति की ओर से इस बार रामलीला के विभिन्न प्रसंगों को अलग अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, ताकि दर्शकों को भगवान श्रीराम की लीला के साथ-साथ भव्य मंचन का अनुभव मिल सके।
पहले दिन रावण-वेदवती प्रसंग रहेगा मुख्य आकर्षण
रामलीला के पहले दिन रावण-वेदवती प्रसंग का मंचन किया जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार वेदवती भगवान विष्णु को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या कर रही थीं। इसी दौरान रावण की नजर वेदवती पर पड़ी। रावण ने उनके तप में बाधा डालने और उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास किया। वेदवती ने रावण के इस व्यवहार का विरोध किया और उसे शाप दिया। कथा के अनुसार वेदवती ने रावण के अत्याचार से बचने के लिए अग्नि में प्रवेश किया। रामायण की विभिन्न परंपराओं में वेदवती के आगे के जन्म को माता सीता के प्रसंग से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि रावण-वेदवती प्रसंग रामलीला में आगे होने वाली घटनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका तैयार करता है।