यमुनानगर में पुलिसकर्मी के दस्तावेजों पर 18 साल पहले बनाई फर्जी फर्म, टैक्स कार्रवाई से हुआ बड़ा खुलासा

यमुनानगर में पुलिसकर्मी के दस्तावेजों पर 18 साल पहले बनाई फर्जी फर्म, टैक्स कार्रवाई से हुआ बड़ा खुलासा

यमुनानगर पुलिस के एक एएसआई के पहचान संबंधी दस्तावेजों और राशन कार्ड का कथित इस्तेमाल करके करीब 18 वर्ष पहले एक फर्म पंजीकृत कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पंचकूला में एएसआई स्टाफ के रूप में तैनात कर्मजीत सिंह की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

फर्जी दस्तावेजों से बनाई गई फर्म और वैट नंबर

शिकायतकर्ता कर्मजीत सिंह के अनुसार, वर्ष 2008 में कुछ अज्ञात लोगों ने उनके दस्तावेजों के आधार पर एमएस यमुना सेल्स कॉरपोरेशन नाम से एक फर्म दर्ज कराई थी। इन लोगों ने उस फर्म के नाम पर वैट नंबर भी हासिल कर लिया था। इस फर्जी फर्म का पता जगाधरी रोड पर झेलम ज्वेलर्स के पास, होटल उमंग के सामने और सनी बैर के पीछे, यमुनानगर बताया गया था।

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कारोबार और बैंक खातों की कोई जानकारी नहीं

कर्मजीत सिंह का कहना है कि उन्हें इस फर्म के बारे में किसी भी प्रकार की कोई जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने कभी इसका कोई कारोबार किया है। उनके मुताबिक, उन्होंने इस फर्म के नाम पर कोई बैंक खाता नहीं खुलवाया, किसी भी बैंक खाते का संचालन नहीं किया और न ही कभी किसी व्यावसायिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए हैं। जिस समय यह सब हुआ, उस समय वह पुलिस विभाग में अपनी सरकारी ड्यूटी पर तैनात थे।

रद्द हुआ पंजीकरण और एक्स-पार्टी पेनल्टी

शिकायत के मुताबिक, आबकारी एवं कराधान विभाग ने 22 मार्च 2010 को इस फर्म का पंजीकरण रद्द कर दिया था। इसके बावजूद वर्ष 2014 में उनके खिलाफ एक्स-पार्टी पेनल्टी के आदेश जारी कर दिए गए थे। इस फर्म से जुड़े बैंक खातों को बाद में एसबीआई और एचडीएफसी बैंक, पंचकूला के अधिकारियों के आधिकारिक पत्रों के माध्यम से फ्रीज कराया गया था।

जुलाई 2026 में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा

कर्मजीत सिंह के अनुसार, जुलाई 2026 में पुराने टैक्स मामले के चलते उनके बैंक खाते फ्रीज करने और वेतन अटैच करने की कार्रवाई शुरू हुई, तब जाकर उन्हें इस कथित फर्जीवाड़े से हुए आर्थिक नुकसान का सही पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस अधीक्षक को अपनी लिखित शिकायत दी। सिटी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने मीडिया को बताया कि प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दस्तावेजों के दुरुपयोग, फर्म के पंजीकरण, बैंक खातों के संचालन और इस पूरे फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों की पहचान की बारीकी से जांच कर रही है।

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