Asian Games: 62 साल बाद फाइनल में पहुंच कर रचा था इतिहास, गोल्ड मेडल मुकाबले में चित हुआ हरियाणा का पहलवान

जापान में चल रहे एशियाई खेलों(Asian Games) से भारत के लिए मायूसी भरी खबर सामने आई है। बता दें कि हरियाणा के नितेश सिवाच कुश्ती के मेंस ग्रीको-रोमन 97 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में पहुंचे थे और ऐसा कारनामा कर उन्होंने 62 साल बाद किसी भारतीय खिलाड़ी के फाइनल में पहुंचने का इतिहास रचा था। लेकिन गोल्ड मेडल के लिए खेले गए इस मुकाबले में उन्हें निराशा हाथ लगी।
खेलप्रेमियों में छाई मायूसी
97 किलोग्राम भारवर्ग में नितेश सिवाच को एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। गोल्ड मेडल के लिए खेले गए फाइनल मुकाबले में जापानी खिलाड़ी यूरी नाकाजातो ने 4-0 से एकतरफा हार का स्वाद चखाया। ऐसे में नितेश को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। यदि नितेश सिवाच फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीत लेते तो नया कीर्तिमान स्थापित हो जाता।
नितेश भले ही गोल्ड मेडल मुकाबला हार गए हो लेकिन फाइनल में पहुंचने के साथ ही उन्होंने नया इतिहास लिख दिया था। वह 1962 के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बन गए थे।
सेमीफाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत हासिल करने वाले नितेश से फाइनल मुकाबले में जीत के साथ गोल्ड मेडल की उम्मीद थी लेकिन देशप्रेमियों को निराशा हाथ लगी। फाइनल मुकाबले में जापानी खिलाड़ी ने उनके सभी दांव-पेंच को पूरी तरह से फेल कर दिया और एकतरफा जीत हासिल कर देश के लिए गोल्ड मेडल जीता।