हरियाणा में किसानों को समय पर मिलेंगे गेहूं के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज

चंडीगढ़ में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण हाई पॉवर परचेज कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी ऑनलाइन माध्यम से विशेष रूप से जुड़े। ## बैठक का मुख्य उद्देश्य
- आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों को गेहूं के उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध कराना।
- राज्य के सरकारी विद्यालयों में कृषि विज्ञान व मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना।
गेहूं के बीज वितरण को लेकर बड़ा फैसला
आगामी गेहूं के बुआई सीजन को ध्यान में रखते हुए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने यह स्पष्ट किया। राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज बिना किसी देरी के उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में समिति की बैठक के दौरान हरियाणा बीज विकास निगम के प्रमुख बीज प्रसंस्करण केंद्रों से बीज पहुंचाने का निर्णय लिया गया।
ये प्रमुख केंद्र हिसार, टोहाना, पटौदी, यमुनानगर, सिरसा और उमरी यानी कुरुक्षेत्र में स्थित हैं। इन केंद्रों से राज्य के विभिन्न जिलों और ब्लॉक स्तर के 80 से अधिक वितरण केंद्रों तक प्रमाणित गेहूं बीज पहुंचाए जाएंगे। इसके लिए ट्रांसपोर्टरों की माल भाड़ा दरों को अंतिम रूप देकर स्वीकृत कर दिया गया है। इन दरों के निर्धारण से अब प्रदेशभर के किसानों तक बीज का सुचारू और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित हो सकेगा।
स्कूलों में सॉइल टेस्टिंग किट खरीदने के टेंडर को मंजूरी
इसके साथ ही कृषि और शिक्षा क्षेत्र के अनूठे समन्वय को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के 'पीएमश्री' स्कूलों की प्रयोगशालाओं के लिए 'मिनी सॉइल टेस्टिंग किट' खरीदने के टेंडर को भी मंजूरी प्रदान की गई है। इस पहल के तहत सबसे पहले विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिट्टी की जांच करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद ये स्कूल अपने आसपास के गांवों के किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण करेंगे।