पंजाब में विधानसभा चुनाव तक एसआईआर (SIR) रोकने की मांग, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने उठाए सवाल

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 24 सितंबर को चंडीगढ़ में एक प्रेस नोट जारी किया। उन्होंने मांग की है कि पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव तक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को तुरंत रोक दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगले विधानसभा चुनाव अब से ठीक छह महीने बाद होने वाले हैं।
मौजूदा मतदाता सूचियों से चुनाव कराने की मांग
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने जोर देकर कहा कि चुनाव मौजूदा मतदाता सूचियों के आधार पर ही करवाए जाने चाहिए। इन सूचियों को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए आधार बनाया गया था। उन्होंने यह भी मांग की कि इन सूचियों में से किसी भी मतदाता का नाम न हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुनिश्चित करने का यही एकमात्र तरीका है कि किसी भी योग्य मतदाता को उसके वोट के महत्वपूर्ण अधिकार से वंचित न किया जाए।
नए Form-6 की जटिलताओं पर चिंता
पीसीसी अध्यक्ष ने इस बात का खुलासा किया कि नए ‘Form-6’ को भरने की जटिलताओं के कारण हजारों योग्य और वास्तविक पहली बार वोट देने वाले मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं। उन्होंने यह मांग उठाई कि पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली मतदाता सूची में होने का संदर्भ देने की शर्त सबसे मुश्किल शर्त है।
SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी पर आरोप
वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार यह कहती रही है कि SIR अपने मौजूदा स्वरूप में लाखों मतदाताओं को “मताधिकार से वंचित” करने की एक खुली और बेशर्म कोशिश है। उनका कहना है कि जिन मतदाताओं के बारे में बीजेपी को लगता है कि वे उसके समर्थक नहीं हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया खुलासों ने कांग्रेस की इन आशंकाओं को पूरी तरह से सही साबित कर दिया है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि इससे आम लोगों का चुनाव की निष्पक्षता पर से भरोसा हिल गया है।
ड्राफ्ट मतदाता सूचियों और न्याय पर सवाल
उन्होंने अंत में यह भी कहा कि पंजाब की ड्राफ्ट मतदाता सूचियां अभी जारी नहीं हुई हैं, लेकिन ऐसी गंभीर आशंकाएं हैं कि लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव से ठीक कुछ महीने पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं को उनके मताधिकार से वंचित करना न्याय और चुनावी लोकतंत्र का मजाक होगा। उन्होंने दोहराया कि चुनाव तक SIR को रोक दिया जाना चाहिए और चुनाव के बाद इसे पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी जटिलता के पूरा किया जाना चाहिए।