पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मंत्री आवासों को अवैध कब्जाधारियों से खाली करवाने की मांग की

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मंत्री आवासों को अवैध कब्जाधारियों से खाली करवाने की मांग की

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि मंत्री आवासों पर अवैध रूप से रह रहे लोगों से सभी सरकारी घर तुरंत खाली करवाए जाएं। उन्होंने यह भी मांग की कि इन लोगों से पिछले मामलों की तरह पेनाल रेंट वसूला जाए।

आप नेता की भाषा पर कड़ी आपत्ति

वड़िंग ने आम आदमी पार्टी की नेता गायत्री बिश्नोई द्वारा की गई गाली-गलौज और अभद्र भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती है। पंजाब के लोग इस तरह के अपमान को न तो कभी भूलेंगे और न ही कभी माफ करेंगे।

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मुख्यमंत्री को ठहराया जिम्मेदार

पीसीसी (PCC) अध्यक्ष ने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने दिल्ली के अपने नेताओं के सामने पूरी तरह से आत्मसमर्पण कर दिया है। पंजाब में जो कुछ भी हो रहा है, उस पर मुख्यमंत्री केवल एक मूकदर्शक बने हुए हैं।

अवैध आवंटन पर उठाए सवाल

उन्होंने बड़ा सवाल करते हुए पूछा कि आखिर इन लोगों को मंत्री आवासों में रहने की अनुमति किसने दी है। जिन मंत्रियों के नाम पर ये सरकारी घर अलॉट किए गए हैं, उन मंत्रियों को ही अपने घरों में रहने नहीं दिया जा रहा है। वड़िंग ने कहा कि यह सब प्रक्रिया पहले दिन से ही शुरू हो गई थी।

राघव चड्ढा और पंजाब भवन का मामला

वड़िंग ने उदाहरण देते हुए बताया कि जब तत्कालीन आप (AAP) सांसद राघव चड्ढा को चंडीगढ़ में हाउस नंबर 50 अलॉट किया गया था, तब से यह सिलसिला जारी है। उन्होंने राघव चड्ढा की उदयपुर में हुई शादी के दौरान पंजाब पुलिस के सैकड़ों जवानों और वाहनों की तैनाती का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान उदयपुर में पंजाब के आम लोगों का पैसा पानी की तरह खर्च किया गया था। चड्ढा को चंडीगढ़ में आलीशान सरकारी घर देने के अलावा नई दिल्ली के पंजाब भवन की पूरी एक मंजिल भी विशेष रूप से अलॉट की गई थी। इसके अलावा आप (AAP) नेताओं के निजी सहायकों को भी मंत्री सुइट दिए गए थे। दिल्ली में चुनाव प्रचार के लिए आने वाले अलग-अलग राज्यों के आप नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए पंजाब भवन के दोनों ब्लॉकों के बाकी कमरों का इस्तेमाल किया जाता था।

गायत्री बिश्नोई के आवंटन पर सवाल

पीसीसी (PCC) अध्यक्ष ने सवाल किया कि आखिर गायत्री बिश्नोई और उनके माता-पिता को किस नियम के तहत चंडीगढ़ में मंत्री आवास दिया गया है। अगर यह घर उनके पिता के इलाज के लिए दिया गया है, तो सवाल यह है कि पंजाब से इलाज के लिए चंडीगढ़ आने वाले कितने आम लोगों को इसी तरह सरकारी घर दिए जाते हैं।

मुख्यमंत्री से सीधा सवाल

मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे सवाल करते हुए वड़िंग ने कहा कि क्या पंजाब के लोगों ने आपको इसलिए मुख्यमंत्री चुना था कि पंजाब के मंत्रियों को उनके अलॉट किए गए घरों में रहने की अनुमति न मिले और बाहर से आए लोगों को उन सरकारी घरों में रहने दिया जाए।

अवैध कब्जे वाले घरों की सूची

वड़िंग ने कई ऐसे सरकारी घरों की सूची सार्वजनिक की, जिन पर उनके अनुसार अवैध कब्जा किया गया है। इन नंबरों में दीपक चौहान के पास हाउस नंबर 902, कमल बंसल के पास 925, अनुराग कुंडू के पास 919, सत्येंद्र जैन के पास 926 जो अब खाली है, आदिल खान के पास 927, शैंटी सिंह के पास 928, जरनैल सिंह के पास 931, मनीष सिसोदिया के पास 963, गायत्री बिश्नोई और उनके माता-पिता के पास 961, मनीष सिसोदिया की टीम के पास 964 और आप (AAP) कार्यालय के रूप में हाउस नंबर 965 शामिल है। वड़िंग ने स्पष्ट किया कि इन लोगों को इन घरों में रहने की कोई अनुमति नहीं है और यह सभी लोग पंजाब राज्य से बाहर के हैं।

सर्किट हाउस और अन्य भवनों का दुरुपयोग

उन्होंने कहा कि सिर्फ चंडीगढ़ के सरकारी घरों का ही यह मामला नहीं है, बल्कि नई दिल्ली स्थित कपूरथला हाउस और नाभा हाउस का भी भारी दुरुपयोग किया जा रहा है। ठीक इसी तरह से सर्किट हाउसों का भी जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है। वड़िंग ने अंत में कहा कि यह सिर्फ सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग नहीं है, बल्कि इसका पूरी तरह से गलत इस्तेमाल हो रहा है और पंजाब के इतिहास में ऐसा कभी पहले नहीं हुआ है।

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