उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले हरियाणा के युवा, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम पर हुई चर्चा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले हरियाणा के युवा, यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम पर हुई चर्चा

चंडीगढ़ /03 अक्टूबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

देहरादून में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरियाणा से आए युवाओं के एक समूह से मुलाकात की। यह युवा उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर आए हैं। मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान युवाओं ने अपने दौरे के अनुभवों को साझा किया।

  • हरियाणा के युवा उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले।
  • युवाओं ने कनेक्टिविटी, टूरिज्म, होमस्टे और सोलर एनर्जी के क्षेत्र में हुए विकास की सराहना की।
  • सीएम धामी ने युवाओं को उत्तराखंड का डिजिटल ब्रांड एंबेसडर बताया।
AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

हरियाणा के युवाओं ने की उत्तराखंड सरकार की तारीफ

युवाओं ने राज्य सरकार के प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कनेक्टिविटी, टूरिज्म, होमस्टे, सोलर एनर्जी, बॉर्डर एरिया के विकास और कल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। युवाओं ने कहा कि इस दौरे से उन्हें उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों को समझने का मौका मिला। उन्होंने स्थानीय निवासियों के जीवन पर विभिन्न सरकारी पहलों के प्रभाव को भी अपनी आंखों से देखा।

युवाओं ने बताया कि राज्य के पहाड़ी इलाकों के बावजूद सड़क और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण काम किया गया है। उन्होंने रेलवे नेटवर्क के विस्तार के काम की गति की भी सराहना की। युवाओं ने उत्तराखंड के साफ पर्यावरण और एयर क्वालिटी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि होमस्टे को बढ़ावा देने वाली पहलों और इस सेक्टर में सरकारी मदद से स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

बॉर्डर एरिया और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की सराहना

युवाओं ने बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से राज्य में आने वाले pilgrims और पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। युवाओं ने सोलर रूफटॉप स्कीम को उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के हिसाब से एक उपयोगी पहल बताया। उन्होंने स्थानीय लोगों के शांतिपूर्ण माहौल और उनके प्यार भरे व्यवहार की भी तारीफ की। युवाओं का कहना था कि इस दौरे से उन्हें पहली बार यह समझ आया कि उत्तराखंड को देवभूमि क्यों कहा जाता है।

सीएम धामी ने अतिथि देवो भवः की परंपरा को दोहराया

युवाओं का स्वागत करते हुए सीएम धामी ने कहा कि अतिथि देवो भवः का सिद्धांत देवभूमि उत्तराखंड की संस्कृति और परंपरा का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इंटर-स्टेट यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम युवाओं को भारत की सांस्कृतिक विविधता को समझने का मौका देते हैं। इसके साथ ही इससे अलग-अलग राज्यों में हो रहे इनोवेशन और बेहतरीन डेवलपमेंट प्रैक्टिस को भी जानने का अवसर मिलता है। ऐसी पहलों से राज्यों के बीच विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान भी बढ़ता है।

विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है उत्तराखंड

धामी ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि विकास का लाभ आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। अंत्योदय की भावना के तहत गरीबों, महिलाओं, युवाओं, किसानों और समाज के अन्य वर्गों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने और सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। पिछले लगभग पांच वर्षों में करीब 35,000 युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया गया है।

युवा बने उत्तराखंड के डिजिटल ब्रांड एंबेसडर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड विकास और विरासत को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार, टूरिज्म, लोकल प्रोडक्ट्स, होमस्टे, सोलर एनर्जी और बॉर्डर एरिया के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। धामी ने युवाओं से अपील की कि वे अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान जो कुछ भी देखा, समझा और अनुभव किया है, उसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आप सभी उत्तराखंड के डिजिटल ब्रांड एंबेसडर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा उत्तराखंड की संस्कृति, टूरिज्म, तीर्थाटन, लोकल प्रोडक्ट्स, होमस्टे, मिलेट्स, हस्तशिल्प और महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देश भर के लोगों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों के युवाओं के बीच इस तरह की बातचीत से भारत की विविधता को समझने में मदद मिलती है। साथ ही इससे एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे उत्तराखंड के अपने सकारात्मक अनुभवों को हरियाणा के युवाओं के साथ साझा करें। इससे दोनों राज्यों के बीच संस्कृति, टूरिज्म, इनोवेशन और बेस्ट प्रैक्टिसेज के आदान-प्रदान को मजबूत करने में योगदान मिलेगा।

Share:

Comments

Leave a comment