तोशाम के शिक्षाविद् डॉ. जयपाल शास्त्री को मिला राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान

कुरुक्षेत्र के गीता ज्ञान संस्थान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान तोशाम के चौधरी बंसीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय में कार्यरत संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जयपाल शास्त्री को राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान से नवाजा गया है। यह कार्यक्रम शिक्षा फाउंडेशन द्वारा रविवार को आयोजित किया गया था, जिसमें उनके द्वारा किए गए विभिन्न सामाजिक कार्यों में सहभागिता के कारण यह सम्मान प्रदान किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में देश के 26 राज्यों से कुल 201 शिक्षाविदों ने भाग लिया और उन सभी को इस राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका सुशीला जांगड़ा ने इस अवसर पर जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा फाउंडेशन वर्ष 2018 से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों और शिक्षक सम्मान समारोहों का आयोजन करता आ रहा है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किए गए डॉ. जयपाल शास्त्री पिछले 25 वर्षों से संस्कृत भाषा के संवर्धन के कार्य में पूरी तन्मयता से लगे हुए हैं। संस्कृत प्रेमी शास्त्री पिछले कई वर्षों से लगातार निःशुल्क संस्कृत सम्भाषण शिविरों का आयोजन भी कर रहे हैं। इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कोई भी व्यक्ति आकर बिल्कुल निःशुल्क संस्कृत भाषा सीख सकता है।
सामाजिक कार्यों और निःशुल्क कक्षाओं में सक्रिय सहभागिता
संस्कृत शिक्षण के अलावा डॉ. जयपाल शास्त्री पर्यावरण संरक्षण और रक्तदान जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजनों में भी अपनी सक्रिय सहभागिता हमेशा बनाए रखते हैं। वे अपने जीवन में कई बार रक्तदान भी कर चुके हैं और समाज सेवा के कार्यों में सबसे आगे रहते हैं। इसके साथ ही वे शिक्षक पात्रता परीक्षा, स्नातकोत्तर परीक्षा तथा नैट परीक्षा की तैयारी भी पूरी तरह निःशुल्क करवाते हैं। उनके द्वारा दी जाने वाली इस निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से काफी छात्र अपनी जीविका प्राप्त कर चुके हैं और अपने जीवन में सफलता हासिल कर रहे हैं।
हरियाणा सरकार और विभिन्न संस्थाओं द्वारा मिल चुका है सम्मान
शिक्षाविद् डॉ. जयपाल शास्त्री को उनकी साहित्यिक और शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए पहले भी कई बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा संस्कृत अकादमी द्वारा अनुष्टुप् छन्द में लिखित उनकी पुस्तक अथ काव्यमिदं मे जीवनपाथेयम् को राज्य पुस्तक पुरस्कार से नवाजा गया था। इस पुरस्कार के तहत हरियाणा सरकार द्वारा 31000 रुपए की राशि, एक प्रशस्ति पत्र तथा एक शाल भेंट करके उन्हें सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त उनकी प्रतियोगिता परीक्षाओं से सम्बन्धित पुस्तक भी मुद्रित हो चुकी है। इसके अलावा स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर भी उनकी पुस्तकें मुद्रित हो चुकी हैं।
शोध पत्र और राष्ट्रीय संगोष्ठियों में वक्ता के रूप में सहभागिता
इसी शैक्षणिक श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न शोध पत्रिकाओं में उनके 15 से अधिक शोध पत्र छप चुके हैं। वे देश भर की विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में वक्ता, मुख्यवक्ता तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभा चुके हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस युवा जागृति मिशन, शिव शक्ति मिशन, सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय, भारत विकास परिषद् तथा शहर की अन्य प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा भी उन्हें आचार्य रत्न सम्मान व श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा तोशाम के एसडीएम द्वारा भी सामाजिक कार्यों में सराहनीय कार्य करने के लिए उन्हें दो बार सम्मानित किया जा चुका है।
शिक्षा सागर फाउंडेशन से सम्मान मिलने पर जताया आभार
शिक्षा सागर फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक सम्मान प्राप्त करना उनके लिए बेहद गौरव का विषय है। इस विशेष अवसर पर डॉ. जयपाल शास्त्री ने कहा कि मैं तहेदिल से फाउंडेशन के अध्यक्ष, कार्यक्रम की संयोजिका सुशीला जांगड़ा तथा उनकी पूरी टीम का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि इन महानुभावों ने मुझे इस पुरस्कार से अलंकृत करके मुझे और भी अधिक सामाजिक कार्यों में सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने यह भी संकल्प लिया कि वे आगे भी इसी प्रकार सामाजिक कार्यों में पहले से भी ज्यादा उत्साह के साथ काम करते रहेंगे। इस शानदार उपलब्धि पर उनके सभी परिचितों और शुभचिंतकों ने डॉक्टर शास्त्री को फोन पर और मिलकर हार्दिक बधाई दी है।