जाखल की नई बस्ती का पंचायती हक के लिए अल्टीमेटम: एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

जाखल की नई बस्ती का पंचायती हक के लिए अल्टीमेटम: एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

पांच साल से प्रशासनिक चक्की में पिस रहे 672 मतदाता, अब आर-पार की चेतावनी

नई बस्ती के लोगों ने टोहाना एसडीएम को सौंपा मांगपत्र, बोले- जाखल ग्राम पंचायत में जोड़ो या अलग पंचायत बनाओ; नगरपालिका में शामिल किया तो गुरुद्वारा बस्ती अंडरपास पर धरना

टोहाना/जाखल/ 18 सितंबर 2026/योगेश खनेजा /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

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जाखल की नई बस्ती के 672 मतदाताओं और करीब 2000 की आबादी का पंचायत में शामिल किए जाने का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ गया है। करीब पांच वर्षों से प्रशासनिक व्यवस्था के बीच फंसे बस्तीवासियों ने अब दो टूक शब्दों में अपना रुख सरकार और प्रशासन के सामने रख दिया है। बस्ती के लोगों ने एकजुट होकर टोहाना एसडीएम को मांगपत्र सौंपते हुए नई बस्ती को जाखल गांव ग्राम पंचायत में शामिल करने अथवा अलग ग्राम पंचायत का दर्जा देने की मांग की।

बस्तीवासियों ने स्पष्ट कहा कि वे पिछले करीब पांच वर्षों से बीडीपीओ, डीसी, एसडीएम सहित विभिन्न अधिकारियों और मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं, लेकिन उनका कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हुआ। लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें वे बाकायदा ग्राम पंचायत का हिस्सा बनें और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों तथा पंचायत व्यवस्था में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो।

नगरपालिका में शामिल किया तो सड़क पर उतरेंगे

एसडीएम को सौंपे गए मांगपत्र के दौरान बस्तीवासियों ने कहा कि यदि नई बस्ती को ग्राम पंचायत में शामिल करने की बजाय दोबारा नगरपालिका के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया तो वे इसका विरोध करेंगे। लोगों ने गुरुद्वारा बस्ती अंडरपास पर धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर किसान संगठनों और अन्य सामाजिक संगठनों का सहयोग लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

बस्तीवासियों का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक लाभ की नहीं, बल्कि स्थायी प्रशासनिक पहचान और पंचायत व्यवस्था में शामिल किए जाने की है। उनका कहना है कि पांच वर्षों से लगातार ज्ञापन देने के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ पाना उनके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

बीडीपीओ से मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका मामला

जगसीर सिंह, पिंटू राम, हरिचंद गर्ग, पूर्व पार्षद विक्रमजीत, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जीवन कुमार, रामगोपाल, वीरा राम, जन्टा सिंह, कोकी शर्मा, गोल्डी नायक, बिक्की सिंह, अवतार सिंह,सतीश कुमार, विष्णु शर्मा, संजय कुमार, सुखपाल शर्मा सहित अन्य बस्तीवासियों ने बताया कि वे इस मामले को लेकर बीडीपीओ, उपायुक्त, एसडीएम और अन्य अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक मांगपत्र पहुंचा चुके हैं। इसके बावजूद बस्ती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

लोगों ने कहा कि जब वे लंबे समय से जाखल क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और उनकी सामाजिक एवं दैनिक जरूरतें भी जाखल से जुड़ी हैं, तो उन्हें जाखल गांव ग्राम पंचायत में शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।

ग्राम सभा पहले ही पारित कर चुकी है प्रस्ताव

बस्तीवासियों ने कहा कि इस मामले में जाखल ग्राम पंचायत की ग्राम सभा द्वारा 672 मतदाताओं और नई बस्ती को ग्राम पंचायत में शामिल करने के संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया जा चुका है। प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। लोगों का कहना है कि ग्राम सभा स्तर पर प्रस्ताव पारित होने के बाद भी यदि फाइलें कार्यालयों में घूमती रहेंगी तो पांच साल से चली आ रही समस्या का समाधान कब होगा।

बस्तीवासियों ने प्रशासन से मांग की कि मामले को केवल पत्राचार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि आगामी पंचायत चुनावों से पहले नियमों के अनुसार ठोस निर्णय लिया जाए।

अब सरकार और प्रशासन के अगले कदम पर नजर

नई बस्ती के लोगों का कहना है कि उन्होंने अपना पक्ष सरकार और प्रशासन के सामने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। 672 मतदाता और करीब 2000 की आबादी पिछले पांच वर्षों से पंचायत व्यवस्था में शामिल होने की मांग कर रही है। अब बस्तीवासियों ने साफ कर दिया है कि वे नगरपालिका में शामिल किए जाने के विकल्प को स्वीकार नहीं करेंगे और ऐसी स्थिति में सामूहिक रूप से विरोध-प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगे।

अब देखना यह है कि सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभाग बस्तीवासियों की मांग, ग्राम सभा के प्रस्ताव और आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए क्या निर्णय लेते हैं।

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