तरावड़ी के शीशगंज गुरुद्वारे में श्रद्धा के साथ मनाया गया पंचमी पर्व, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

तरावड़ी के शीशगंज गुरुद्वारे में श्रद्धा के साथ मनाया गया पंचमी पर्व, उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

तरावड़ी के ऐतिहासिक नौंवी पातशाही शीशगंज गुरुद्वारे में पंचमी पर्व श्रद्धा एवं धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। पंचमी पर्व को लेकर सुबह से ही गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। देखते ही देखते दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंची संगत से पूरा गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर बाहर से पहुंचे रागी जत्थे ने मधुर गुरबाणी एवं शबद कीर्तन के माध्यम से गुरु की महिमा का गुणगान किया। गुरबाणी सुनकर संगत भावविभोर हो उठ। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में शीश नवाकर सुख-शांति एवं परिवार की खुशहाली की अरदास की। गुरुद्वारा साहिब में सजे सुंदर दरबार ने धार्मिक वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया।

पंचमी पर्व पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया गया। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गुरु का प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं में लंगर सेवा को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई घंटों तक संगत ने बर्तन धोने, लंगर तैयार करने और अन्य सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सेवा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और समर्पण देखने को मिला। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की ओर से पंचमी पर्व में शामिल होने वाली संगत के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गुरुद्वारा परिसर में व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखा गया, ताकि दूर-दराज से आने वाली संगत को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पंचमी पर्व के दौरान शीशगंज गुरुद्वारा परिसर में दिनभर गुरबाणी, शबद कीर्तन और सेवा की भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गुरु घर में माथा टेककर आशीर्वाद लिया और लंगर सेवा में योगदान देकर सेवा का पुण्य कमाया। देर तक संगत का गुरुद्वारा साहिब में आना-जाना जारी रहा।

गौ सेवा से बड़ा कोई पुण्य नहीं, हर व्यक्ति करे सहयोग

गर्ग फाइन फूड्स के सीएमडी रमेश गर्ग, निलेश गर्ग, राहुल गर्ग एवं उद्योगपति तथा मनोकामना सिद्ध श्री वृंदावन धाम गौशाला साम्भली के उप प्रधान रजत गर्ग ने गौ सेवा को समाज की सबसे बड़ी और पुण्यदायी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि गायों की सेवा करना हमारी धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। गौ सेवा से बढ़कर पुण्य का कार्य कोई नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में गाय को विशेष स्थान प्राप्त है और गौ सेवा को सदैव पुण्य एवं धर्म के कार्य के रूप में माना गया है। आज आवश्यकता है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा में योगदान दे और गौशालाओं को अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करे।

उद्योगपति रमेश गर्ग, निलेश गर्ग, राहुल गर्ग एवं रजत गर्ग ने कहा कि गौ सेवा के लिए केवल आर्थिक सहयोग करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि समय निकालकर गौशालाओं में जाकर सेवा करना, गायों के लिए चारा-पानी की व्यवस्था करना और जरूरतमंद गौवंश की मदद करना भी अपने आप में बड़ा पुण्य कार्य है। उन्होंने कहा कि समाज के संपन्न लोगों के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक को गौ सेवा के लिए आगे आना चाहिए। यदि हम सभी मिलकर गौ सेवा को अपनी जिम्मेदारी समझें तो गौशालाओं में पल रहे गौवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि गौ सेवा को केवल धार्मिक अवसरों तक सीमित न रखते हुए इसे जीवन का हिस्सा बनाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार नियमित रूप से गौशालाओं का सहयोग करें। उनके अनुसार गौ सेवा में लगाया गया प्रत्येक सहयोग न केवल गौवंश के संरक्षण में सहायक है, बल्कि मानवता और सेवा की भावना को भी मजबूत करता है।

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