तरावड़ी में रवि कबीरपंथी ने जन्मदिन पर की गौसेवा, शांतिवन गोपाल गौशाला में खिलाया चारा और फल

तरावड़ी में भाजपा के युवा नेता एवं विधायक भगवानदास कबीरपंथी के सुपुत्र रवि कबीरपंथी ने अपना जन्मदिन बेहद अनूठे अंदाज में मनाया। उन्होंने अपने जन्मदिन के मौके पर परिवार या दोस्तों के साथ खुशियां मनाने की बजाय सेवा और परोपकार की राह चुनी। उन्होंने तरावड़ी स्थित शांतिवन गोपाल गौशाला पहुंचकर गौमाता की सेवा की और उन्हें अपने हाथों से चारा खिलाया।
रवि कबीरपंथी ने गौशाला में गौमाता के लिए फल-फ्रूट, केले, अमरूद, पालक सहित अन्य खाद्य सामग्री भी वितरित की। उन्होंने गौशाला में मौजूद व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी भी प्राप्त की। जन्मदिन के अवसर पर किए गए इस विशेष सेवा कार्य में उनके साथ भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
जन्मदिन पर सेवा और परोपकार का संदेश
इस अवसर पर रवि कबीरपंथी ने कहा कि जन्मदिन हमारे जीवन का एक बहुत विशेष दिन होता है। इस दिन यदि हम अपनी खुशियों को सेवा एवं परोपकार के कार्यों के साथ जोड़ दें तो इससे बढ़कर कोई दूसरी खुशी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि गौसेवा हमारी भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। गौमाता की सेवा करने से मन को आत्मिक संतुष्टि मिलती है।
उन्होंने कहा कि हमें अपने जन्मदिन और अन्य सभी खुशी के अवसरों को केवल अपने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। ऐसे अवसरों पर समाज, जरूरतमंदों और जीव-जंतुओं की सेवा के लिए भी आगे आना चाहिए। सेवा का छोटा सा प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी ला सकता है। मेरा यही प्रयास है कि अपने जन्मदिन को ऐसे ही सेवा भाव के कार्यों के साथ यादगार बनाया जाए।
युवाओं से सामाजिक कार्यों में भाग लेने का आह्वान
रवि कबीरपंथी ने प्रदेश के युवाओं से भी यह आह्वान किया कि वे सभी सामाजिक एवं सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें। समाज में सकारात्मक बदलाव तभी आएगा जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार दूसरों की मदद के लिए आगे आएगा। गौशाला में पहुंचने पर सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने रवि कबीरपंथी का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सभी ने गौसेवा में सहभागिता करते हुए गौमाता को चारा खिलाया और इस सेवा कार्य में अपना पूरा योगदान दिया।