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सोनीपत: मैं का भाव समाप्त कर हम का भाव आना सेवा का वास्तविक अर्थ : निरंकारी राजपिता
सोनीपत

सोनीपत: मैं का भाव समाप्त कर हम का भाव आना सेवा का वास्तविक अर्थ : निरंकारी राजपिता

सोनीपत में 79वें संत समागम की सेवाओं का शुभारंभ। निरंकारी राजपिता रमित जी ने कहा कि मैं का भाव समाप्त कर हम का भाव आना ही सेवा का वास्तविक अर्थ है।