
सोनीपत
सोनीपत: मैं का भाव समाप्त कर हम का भाव आना सेवा का वास्तविक अर्थ : निरंकारी राजपिता
सोनीपत में 79वें संत समागम की सेवाओं का शुभारंभ। निरंकारी राजपिता रमित जी ने कहा कि मैं का भाव समाप्त कर हम का भाव आना ही सेवा का वास्तविक अर्थ है।
20 September 2026 · 2 minअटल हिन्द न्यूज़ रिसोर्स


