फतेहाबाद के इस गांव में दिवाली से पहले बंटी मिठाइयां और हुई आतिशबाजी, मिस्त्री की बेटी ने जीता कांस्य पदक

खेल मैदान से हरियाणा का गौरव बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। खेल और खिलाड़ियों की बदौलत देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका हरियाणा जापान में चल रहे एशियाई खेलों में फिर से स्वर्णिम इतिहास लिख रहा है। यहां के खिलाड़ी लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली को पदको से भर रहे हैं। इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले के एक छोटे से गांव की बेटी ने एशियाई खेलों में पदक जीतकर विदेशी सरजमीं पर तिरंगे का सम्मान बढ़ाया है।
राजमिस्त्री की बेटी ने किया कमाल
एशियाई खेलों में फतेहाबाद जिले के छोटे से गांव बोस्ती की बेटी पूजा ने हाई जंप इवेंट में 1.84 मीटर का जंप करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। मात्र 20 साल की उम्र में उन्होंने इस उपलब्धि को हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। ऐसा कारनामा करने वाली पूजा फतेहाबाद जिले की पहली खिलाड़ी बन गई है।
मामूली अंतर से गंवाया सोना
पूजा ने इस प्रतियोगिता में 1.84 मीटर की ऊंची कूद के साथ कांस्य पदक जीता है लेकिन उनकी क्षमता गोल्ड मेडल जीतने की थी क्योंकि उन्होंने गत दिनों चीन में आयोजित हुई U-20 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1.93 मीटर की ऊंची कूद के साथ नेशनल रिकॉर्ड स्थापित करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया था। जबकि अब यहां 1.92 मीटर की ऊंची कूद के साथ उज़्बेकिस्तान की खिलाड़ी ने गोल्ड मेडल जीता है। ऐसे में पूजा यदि अपने पुराने रिकॉर्ड को भी दोहरा देती तो गोल्ड मेडल पर कब्जा होता।
लंबी तपस्या का परिणाम
पूजा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे कांटों भरा लंबा संघर्ष रहा है। परिवार भी आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं था लेकिन उनमें प्रतिभा कूट-कूट कर भरी हुई थी और उसकी इस प्रतिभा को गांव पारता की सरकारी खेल नर्सरी में पहचान मिली। यहां कोच बलवान सिंह की तकनीक और पूजा की कड़ी मेहनत ने आज सबके सामने सकारात्मक परिणाम दिया है। पूजा की इस जीत पर पूरे गांव में खुशी का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़े और मिठाई बांटकर इस खुशी का इजहार किया। गांव वालों ने कहा कि बेटा पूजा का गांव लौटने पर फूलमालाओं और ढोल-नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया जाएगा।