सुशांत यूनिवर्सिटी ने सोशल डिजाइन और इन्क्लूसिव फ्यूचर्स पर ग्लोबल संवाद के लिए ICDC 2026 का किया सफल आयोजन

गुरुग्राम (हरियाणा) के स्कूल ऑफ डिजाइन, सुशांत यूनिवर्सिटी ने 18 सितंबर, 2026 को इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डिजाइन कॉन्शसनेस (ICDC) 2026 का सफलतापवूर्वक आयोजन किया। यह सम्मेलन “सोशल डिजाइन: ब्रिजिंग गैप्स, बिल्डिंग फ्यूचर्स” विषय पर आधारित था। इस सम्मेलन में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, डिजाइनरों, वास्तुकारों, उद्योग पेशेवरों और छात्रों ने हिस्सा लिया। सभी ने सामाजिक और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने में डिजाइन की भूमिका पर चर्चा की।
सफल आयोजन के मुख्य नेतृत्वकर्ता
यह सम्मेलन सुशांत यूनिवर्सिटी के माननीय वाइस-चंसलर डॉ. राकेश रंजन के मुख्य संरक्षण में आयोजित किया गया। माननीय प्रो वाइस-चंसलर डॉ. संजीव कुमार शर्मा संरक्षक रहे और डॉ. कौशलप्रीत कौर कॉन्फ्रेंस चेयर रहीं। इस सम्मेलन का उद्देश्य डिजाइन को केवल सुंदरता और कार्यक्षमता से आगे बढ़ाकर देखना था। इसमें समावेशन, स्थिरता, सामाजिक प्रभाव, यूनिवर्सल डिजाइन, सार्वजनिक स्थानों, सर्विस डिजाइन, डिजिटल सोशल इनोवेशन, एआई और उभरती हुई तकनीकों पर जोर दिया गया।
डिजाइन के प्रति जिम्मेदार और मानवीय दृष्टिकोण
चर्चाओं का मुख्य केंद्र डिजाइन के प्रति अधिक जिम्मेदार, सहानुभूतिपूर्ण और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता था। ICDC 2026 में एक प्रतिष्ठित रिसर्च एडवाइजरी नेटवर्क शामिल था। इसमें द हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी, आईयूएलएम यूनिवर्सिटी मिलान, पॉलिटेक्निको डी मिलानो, यूएनएबी सैंटियागो, मिलान फैशन इंस्टीट्यूट और वेबस्टर यूनिवर्सिटी ताशकंद के विशेषज्ञ शामिल थे। इसके अलावा भारत भर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के अकादमिक और डिजाइन विशेषज्ञ भी इसमें मौजूद रहे।
विशेषज्ञ पैनल चर्चा और भविष्य की रूपरेखा
सम्मेलन का एक मुख्य आकर्षण विशेषज्ञ पैनल था, जिसमें वास्तुकला, डिजाइन, शहरी विकास और रचनात्मक अभ्यास के विविध दृष्टिकोण शामिल हुए। पैनल में डिजाइन के आर्किटेक्ट, को-फाउंडर्स, डायरेक्टर्स और निदेशक शामिल थे। उनकी चर्चा “डिजाइनिंग ए कॉन्शस फ्यूचर फॉर ऑल” यानी सभी के लिए एक जागरूक भविष्य की डिजाइनिंग के विचार पर केंद्रित थी।
कॉन्फ्रेंस चेयर डॉ. कौशलप्रीत कौर के विचार
सम्मेलन के बारे में बात करते हुए, स्कूल ऑफ डिजाइन की डीन और ICDC 2026 की कॉन्फ्रेंस चेयर डॉ. कौशलप्रीत कौर ने कहा कि ICDC 2026 समाज में डिजाइन की भूमिका के बारे में अधिक जागरूक बातचीत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। हमारे लिए सोशल डिजाइन का मतलब केवल लोगों के लिए डिजाइन करना नहीं है, बल्कि लोगों के साथ डिजाइन करना है। इसका अर्थ विविध आवाजों को सुनना, जीवन के अनुभवों को समझना और ऐसे समाधान बनाना है जो समावेशी, जिम्मेदार और सार्थक हों। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय रिसर्च एडवाइजरी कमेटियों, वक्ताओं, समीक्षकों, शोधकर्ताओं, प्रतिभागियों और पूरी स्कूल ऑफ डिजाइन टीम का आभार व्यक्त किया।
शोध प्रस्तुतियां और प्रकाशित शोध कार्य
दुनिया भर के विद्वानों द्वारा प्रस्तुत शोध प्रस्तुतियों से इस अकादमिक कार्यक्रम को और मजबूती मिली। इन शोध प्रस्तुतियों में समकालीन डिजाइन चिंताओं के एक विस्तृत स्पेक्ट्रम को शामिल किया गया। प्रतिष्ठित संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञों को सत्र अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन की कार्यवाही में 30 शोध योगदान शामिल हैं। ये यूनिवर्सल डिजाइन और समावेशी समुदायों से लेकर टिकाऊ सामग्री, प्लेसमेकिंग, डिजाइन मनोविज्ञान, कपड़ा कचरा, सर्विस डिजाइन, डिजिटल सोशल इनोवेशन, एआई-असिस्टेड डिजाइन और डिजिटल डिवाइड जैसे विषयों पर आधारित हैं।
संपादित वॉल्यूम और ISBN प्रकाशन
ICDC 2026 का एक महत्वपूर्ण परिणाम चयनित शोध योगदानों को एक संपादित कॉन्फ्रेंस वॉल्यूम में प्रकाशित करना है। यह वॉल्यूम इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डिजाइन कॉन्शसनेस नाम से ISBN के साथ Amazon और Flipkart पर उपलब्ध है। सम्मेलन में एक सख्त पीयर-रिव्यू प्रक्रिया का पालन किया गया, जिसमें अकादमिक प्रसार के लिए चुनिंदा पेपर संकलित किए गए। ICDC 2026 स्कूल ऑफ डिजाइन की अनुसंधान-आधारित, सामाजिक रूप से प्रासंगिक और वैश्विक रूप से जुड़े डिजाइन शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह ऐसे मंच तैयार करता है जहां अनुसंधान, अभ्यास और अंतःविषय संवाद अधिक समावेशी और टिकाऊ भविष्य में योगदान दे सकें।