विद्यार्थियों की सफलता का पैमाना सिर्फ अंक नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी: किरण बेहेवाल

विद्यार्थियों की सफलता का पैमाना सिर्फ अंक नहीं, मानसिक स्वास्थ्य भी जरूरी: किरण बेहेवाल

विद्यार्थियों की सफलता में अंकों से ज्यादा जरूरी है प्रयास और मानसिक स्वास्थ्य: मनोविज्ञान प्राध्यापिका किरण बेहेवाल

 

नरवाना /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स/26 जुलाई 2026 /नरेंद्र जेठी

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आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों की सफलता को अक्सर उनके अंकों, रैंक और उपलब्धियों से मापा जाता है, लेकिन उनके मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक स्थिति पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता। मनोविज्ञान प्राध्यापिका किरण बेहेवाल ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए परिणाम के साथ-साथ उनके प्रयासों और मानसिक संतुलन को भी महत्व देने की आवश्यकता बताई है।

 

किरण बेहेवाल ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थी पढ़ाई, प्रतियोगिता और अपेक्षाओं के दबाव के कारण मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई बार अच्छे अंक हासिल करने की होड़ में उनकी खुशियां, आत्मविश्वास और मानसिक शांति प्रभावित हो जाती है।

 

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग ने विद्यार्थियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता और उपलब्धियों को देखकर कई छात्र खुद को कमजोर समझने लगते हैं। इसके चलते उनमें तनाव, चिंता, अकेलापन और नींद से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।

 

मनोविज्ञान के अनुसार हर विद्यार्थी की सीखने की क्षमता, रुचि और गति अलग-अलग होती है। इसलिए बच्चों की तुलना करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं और मेहनत को समझना जरूरी है।

 

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर केवल परिणाम का दबाव न बनाएं, बल्कि उनकी भावनाओं को समझें, उनकी बात सुनें और समय-समय पर उनका उत्साह बढ़ाएं। सकारात्मक वातावरण मिलने पर विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।

 

किरण बेहेवाल ने कहा कि सफलता केवल अच्छे अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ सोच, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास भी जीवन में बड़ी उपलब्धि का आधार बनते हैं।

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