तरावड़ी के गांव सौंकड़ा में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

गांव सौंकड़ा के श्री 1008 बाबा रतनगिरि मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ है। यह धार्मिक आयोजन महंत बाबा कृष्णपुरी जी महाराज के नेतृत्व में हो रहा है। तरावड़ी से कमल शर्मा की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को गांव में धार्मिक आस्था का बहुत ही सुंदर वातावरण देखने को मिला। कथा के शुरू होने से पहले नगर खेड़े पर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस पूजा-अर्चना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना करना था।
पूजा-अर्चना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस भव्य कलश यात्रा का नेतृत्व बाबा जी श्री कृष्ण पूरी ने खुद किया। कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने अपने सिर पर पवित्र कलश धारण किए हुए थे। सभी श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए पूरी तरह से भक्ति में सराबोर नजर आ रहे थे। रास्ते में राधे-राधे, जय श्रीकृष्ण और भागवत भगवान के जयकारों गूंज रहे थे। इन जयकारों से पूरे गांव का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय हो गया था।
यह कलश यात्रा नगर खेड़े से शुरू होकर गांव की विभिन्न गलियों से गुजरी। इसके बाद यात्रा ने गांव की परिक्रमा की और मेन रोड के रास्ते होते हुए मंदिर रत्न गिरी जा पहुंची। रास्ते भर सभी श्रद्धालुओं में एक अलग ही प्रकार का खासा उत्साह देखने को मिला। धार्मिक गीतों और भक्तिमय जयकारों के बीच सभी श्रद्धालु पूरे भाव के साथ इस यात्रा में शामिल हुए। गांव के रास्ते में जगह-जगह पर ग्रामीणों ने इस कलश यात्रा का बहुत जोरदार स्वागत किया।
जब कलश यात्रा मंदिर रत्न गिरी पहुंची तो फूलों की वर्षा करके इसका भव्य स्वागत किया गया। मंदिर परिसर के अंदर पहुंचते ही सभी श्रद्धालुओं ने वहां विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की। इसके बाद कथा स्थल पर सभी धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करते हुए श्रीमद्भागवत कथा का आगाज किया गया। कथा के पहले ही दिन श्री वृन्दावन धाम से आई कथाव्यास साध्वी गीतापुरी जी ने सभी श्रद्धालुओं को कथा के महत्व के बारे में बताया।
साध्वी गीतापुरी जी ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह मनुष्य को हमेशा सत्य, धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ग्रंथ है। भगवान की कथा का श्रवण करने से मन को बहुत शांति मिलती है और जीवन को एक सकारात्मक दिशा प्राप्त होती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से यह आह्वान किया कि वे कथा के दौरान पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ कथा का श्रवण करें।
कथा स्थल पर मौजूद सभी श्रद्धालु प्रवचनों को सुनकर भाव-विभोर नजर आए। वे पूरी तरह से भक्ति के इस पावन वातावरण में डूबे रहे। आयोजकों ने बताया कि कथा के आयोजन के दौरान आने वाले आगामी दिनों में भी कई धार्मिक प्रवचन होंगे। इसके अलावा भजन-कीर्तन और विभिन्न प्रकार के अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस अवसर पर महंत बाबा कृष्णपुरी जी महाराज और बाबा संजयपुरी जी सहित काफी संख्या में ग्रामीण वहां मौजूद रहे।