बोहड़ाकलां ओआरसी में स्पिरिचुअल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम शुरू, आंतरिक शक्ति ही सबसे बड़ा संबल

वर्तमान समय में आंतरिक शक्ति ही सबसे बड़ा संबल — बीके आशा
"मनुष्य की सबसे अधिक ऊर्जा व्यर्थ सोचने में नष्ट होती"
बोहड़ाकलां ओआरसी में 'स्पिरिचुअल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम' का शुभारम्भ
कार्यक्रम में देशभर से 100 से अधिक वरिष्ठ फाइनेंस प्रोफेशनल्स शामिल हए
फतह सिंह उजाला /बोहड़ाकलां /04 अक्टूबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
बोहड़ाकलां स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञों (फाइनेंस प्रोफेशनल्स) के लिए दो दिवसीय 'स्पिरिचुअल इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम' प्रशिक्षण का शुभारंभ हुआ। संस्थान के फाइनेंस फ्रेटरनिटी सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित इस विशेष सत्र में देशभर से 100 से अधिक वरिष्ठ फाइनेंस प्रोफेशनल्स ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी बीके आशा दीदी ने कहा कि तेजी से बदलते और अनिश्चित दौर में हर परिस्थिति के लिए स्वयं को मानसिक रूप से तैयार रखना आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, "मनुष्य की सबसे अधिक ऊर्जा व्यर्थ सोचने में नष्ट होती है। इस व्यर्थ संकल्पों के बहाव को रोकने के लिए आध्यात्मिक शक्ति की जरूरत है, जो केवल आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने से ही संभव है।"
सच्ची खुशी आत्मिक सशक्तिकरण में निहित
फाइनेंस फ्रेटरनिटी सेवा प्रभाग के उपाध्यक्ष राजयोगी बीके ललित ने कहा कि धन कमाने के साथ-साथ आंतरिक शक्तियों को समृद्ध करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति यहीं रह जाती है, लेकिन आत्मा के साथ उसके द्वारा अर्जित मूल्य सदा चलते हैं। सच्ची खुशी आत्मिक सशक्तिकरण में निहित है और इसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती। बचपन से ही जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश होना चाहिए।
आधुनिक समाज को अध्यात्म की आवश्यकता
कार्यक्रम में भारत सरकार के गृह मंत्रालय में प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक डॉ. अजय शंकर सिंह ने कहा कि आज के आधुनिक समाज को अध्यात्म की सख्त आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को पुनः जागृत करने का उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। वहीं, आईसीएआई (ICAI) के पूर्व अध्यक्ष सीए अतुल गुप्ता ने कहा कि दूसरों की प्रगति में प्रसन्न होना और पूरे समाज को एक परिवार के रूप में अनुभव करना ही सच्चा अध्यात्म और जीवन का मूल सिद्धांत है।
वरिष्ठ विशेषज्ञों ने भी साझा किए विचार
सत्र के दौरान राष्ट्रीय केमिकल एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड के वरिष्ठ वित्त प्रबंधक सीएमए अभय कुमार, सीए बिमल जैन, सीए शरत मोहंती एवं सीए हितेंद्र मेहता ने भी अपने अनुभव व विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में मंच का सफल संचालन बीके यीशु द्वारा किया गया, जबकि बीके राजेंद्र ने उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त किया।