सोनीपत में व्यापारियों पर यूपीआई सरचार्ज को लेकर संजय सिंगला ने जताई चिंता, कहा डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त बोझ गलत

जिला व्यापार मंडल सोनीपत के प्रधान संजय सिंगला ने 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त सरचार्ज को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज का व्यापारी पहले ही कई प्रकार के टैक्स और बढ़ती लागत का भारी बोझ उठा रहा है। ऐसे में अपनी ही बिक्री का डिजिटल भुगतान प्राप्त करने पर अतिरिक्त शुल्क लगाना व्यापारियों के लिए एक और बड़ा आर्थिक बोझ है। यह स्थिति व्यापारियों के लिए बेहद परेशानी वाली बन गई है।
व्यापारियों पर पहले से है कई तरह के टैक्स का बोझ
संजय सिंगला ने अपनी बात रखते हुए कहा कि व्यापारी जब अपना माल बेचता है तब वह जीएसटी चुकाता है। जब वह अपनी कमाई करता है तब उसे इनकम टैक्स भरना पड़ता है। इसके अलावा व्यापारी बिजली और पानी के बढ़े हुए बिलों का भुगतान करता है। वह अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देता है और दुकान का किराया भी चुकाता है। इन सबके साथ व्यापारी लगातार बढ़ती हुई व्यापारिक लागत का सामना कर रहा है।
डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने से हतोत्साहित होंगे व्यापारी
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यदि ग्राहक से अपनी मेहनत की कमाई का भुगतान डिजिटल माध्यम से लेने पर भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़े, तो यह व्यापारी के लिए चिंता का विषय है। यूपीआई आज देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था की एक मजबूत रीढ़ बन चुका है। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया के संकल्प को देश के व्यापारियों ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनाया है। छोटे से छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक आज डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रहे हैं।
यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज हटाने की मांग
संजय सिंगला ने कहा कि ऐसे समय में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना डिजिटल भुगतान को हतोत्साहित करने वाला कदम साबित हो सकता है। व्यापारी आज सरकार से यह सवाल पूछ रहा है कि माल बेचने पर टैक्स, कमाई पर टैक्स और अब अपनी मेहनत की पेमेंट लेने पर भी चार्ज क्यों वसूला जा रहा है। आखिर एक व्यापारी और कितना बोझ सहेगा।
सरकार से तुरंत सरचार्ज व्यवस्था वापस लेने की अपील
उन्होंने सरकार और संबंधित सभी संस्थाओं से यह मांग की है कि 2 हजार रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त सरचार्ज लगाने की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। इससे व्यापारी और आम उपभोक्ता दोनों को बड़ी राहत मिल सकेगी।
अर्थव्यवस्था की मजबूती में व्यापारी दे रहे हैं योगदान
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि व्यापारी हर परिस्थिति में सरकार के साथ खड़ा है। व्यापारी देश के डिजिटल इंडिया के साथ मजबूती से खड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभा रहा है। सरकार से भी यह बड़ी अपेक्षा है कि वह व्यापारी की सभी परेशानियों को गहराई से समझे। सरकार ऐसी कोई भी व्यवस्था लागू न करे जिससे ईमानदारी से व्यापार करने वाले लाखों व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़े।
व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की मुख्य धुरी
संजय सिंगला ने अंत में कहा कि व्यापारी इस देश की अर्थव्यवस्था की असली धुरी है। देश के बाजारों और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का रास्ता व्यापारी की मेहनत पर नया बोझ बढ़ाकर नहीं, बल्कि उसे राहत देकर ही तय किया जा सकता है।