सोनीपत: स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हुआ व्याख्यान, दबाव को शक्ति बनाकर लक्ष्य की ओर बढ़ें विद्यार्थी

सोनीपत: स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में हुआ व्याख्यान, दबाव को शक्ति बनाकर लक्ष्य की ओर बढ़ें विद्यार्थी

सोनीपत, 22 सितंबर। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में दबाव से शक्ति की ओर विवेकानंद मार्ग विषय पर मंगलवार को एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विवेकानंद केंद्र, उत्तर प्रांत के उप प्रमुख एवं लेखक डॉ. निखिल यादव रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम की शुरुआत में डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चंद्र ने मुख्य वक्ता डॉ. निखिल यादव का औपचारिक स्वागत किया।

खेल और जीवन का गहरा संबंध

डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि खेल और जीवन का आपस में बहुत गहरा संबंध है। जिस तरह एक खिलाड़ी बिना किसी प्रशंसा और तालियों की परवाह किए लगातार अभ्यास करता रहता है, ठीक उसी तरह हर व्यक्ति को अपने प्रयास और अपनी प्रगति को खुद पहचानना चाहिए। उन्होंने महान संत स्वामी विवेकानंद के जीवन को आत्मविश्वास, उद्देश्य, संघर्ष और निरंतर प्रयास का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।

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श्रीमद्भगवद्गीता का प्रसंग और स्पष्ट उद्देश्य

उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सही मार्गदर्शन, आत्मबोध और स्पष्ट उद्देश्य होना बेहद जरूरी है। अगर इंसान का लक्ष्य तय नहीं होता है, तो वह व्यक्ति परिस्थितियों और दूसरों के प्रभाव में आकर अपने रास्ते से भटक सकता है। इसलिए हर किसी को अपना एक लक्ष्य चुनकर पूरी निष्ठा और एकाग्रता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

स्वामी विवेकानंद के संदेश से प्रेरणा

डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए से प्रेरणा लेने के लिए कहा। उन्होंने समझाया कि हमारे विचार, हमारी वाणी और हमारे कर्म का सीधा असर हमारे चरित्र पर पड़ता है। लगातार किए गए अच्छे प्रयास ही एक बेहतर परिणाम और मजबूत चरित्र का मुख्य आधार बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी सलाह दी कि उन्हें हमेशा नकारात्मक वातावरण और गलत संगति से बचना चाहिए। उनके अनुसार आसपास का वातावरण हमारे विचारों, हमारे व्यवहार और हमारे भविष्य की दिशा को पूरी तरह प्रभावित करता है, इसलिए हमेशा अच्छी संगति और सकारात्मक वातावरण का होना जरूरी है।

कुलपति अशोक कुमार का संदेश

विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए भी पूरी तरह उपयोगी हैं। खेल इंसान के अंदर अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास, संघर्ष और नेतृत्व की भावना को विकसित करता है। यह विश्वविद्यालय हमेशा से विद्यार्थियों के शैक्षणिक और खेल विकास के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व निर्माण पर भी पूरा ध्यान देता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से यह भी आह्वान किया कि वे दबाव को अपनी कमजोरी न मानकर उसे अपनी ताकत बनाएं और उसका इस्तेमाल आत्मविश्वास तथा सफलता की दिशा में करें। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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