सोनीपत में सेवा संकल्प अभियान: विद्यार्थियों ने पेंटिंग प्रतियोगिता और श्रमदान में दिखाई अपनी प्रतिभा और सेवा भावना

सोनीपत में सेवा संकल्प अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पीएम श्री विद्यालय अकबरपुर बारोटा में पेंटिंग प्रतियोगिता करवाई गई। इसके साथ ही राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गन्नौर में श्रमदान और करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोनों कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और प्रशिक्षुओं ने बहुत उत्साह से भाग लिया।
अकबरपुर बारोटा में पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन
सोनीपत में सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव अकबरपुर बारोटा स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शनिवार को पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस पेंटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ भाजपा के हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन मोहनलाल बड़ौली ने किया। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर पेंटिंग बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाई। विद्यालय परिसर में सुंदर रंगोली भी तैयार की गई।
विकसित भारत के निर्माण में विद्यार्थियों की भूमिका
श्री बड़ौली ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सोच और रचनात्मकता विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में विद्यार्थियों की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ कला, खेल, नवाचार और सामाजिक सेवा में भी भाग लें। इसके अलावा स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में भी अपना योगदान दें।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गन्नौर में श्रमदान
वहीं दूसरी ओर, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गन्नौर में प्रधानाचार्य अमित गौतम ने श्रमदान और करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रधानाचार्य, स्टाफ और सभी प्रशिक्षुओं ने संस्थान को साफ-सुथरा व व्यवस्थित रखने का संकल्प लिया। इसके बाद कक्षाओं, कार्यशालाओं, मशीनों और उपकरणों की अच्छी तरह से सफाई की गई।
प्रशिक्षुओं में सेवा भावना और जिम्मेदारी का विकास
प्रधानाचार्य अमित गौतम ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षुओं में सेवा भावना, स्वच्छता, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपने संस्थान और कार्यस्थल को हमेशा साफ रखने का आग्रह किया। साथ ही अपने कौशल का सही उपयोग समाज और देश के विकास में करने का आह्वान किया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षण व गैर-शिक्षण स्टाफ तथा सभी प्रशिक्षु मौजूद रहे।