सोनीपत: स्कूल की बदहाली पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त, 104 शिकायतों का लिया संज्ञान

सोनीपत: स्कूल की बदहाली पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग सख्त, 104 शिकायतों का लिया संज्ञान

सोनीपत के गोहाना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी से जुड़ी 104 शिकायतों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि वे बुधवार को मौके पर जाकर स्कूल का भौतिक निरीक्षण करें और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके दें। यह रिपोर्ट आयोग के समक्ष अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले प्रस्तुत करनी होगी।

आयोग के अध्यक्ष ने विद्यार्थियों के अधिकारों पर की बात

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने इस मामले की सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि स्कूल में सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्षाएं, उचित वेंटिलेशन और खेल सुविधाएं होना बेहद जरूरी है। ये सभी बुनियादी चीजें विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, गरिमा और उनकी शिक्षा से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।

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शिकायतकर्ताओं द्वारा उठाई गई गंभीर समस्याएं

शिकायतकर्ताओं ने आयोग को यह जानकारी दी कि स्कूल में पहले एक खेल मैदान हुआ करता था। लेकिन अब वर्तमान स्थिति यह है कि विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा कक्षाओं में पर्याप्त जगह की कमी, प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा की कमी, प्रयोगशालाओं की कमी और खेल सुविधाओं की कमी जैसे गंभीर मुद्दे भी उठाए गए हैं। इसके साथ ही स्कूल के आसपास कथित अतिक्रमण किए जाने की शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

लगभग साढ़े तीन एकड़ जमीन के विकास की मांग

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से यह मांग की है कि स्कूल के आसपास से तुरंत अतिक्रमण हटाया जाए। इसके अलावा स्कूल के लिए उपलब्ध बताई गई करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर नया भवन और खेल मैदान विकसित किया जाए। इस पर आयोग ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे जमीन की वर्तमान स्थिति और उसके मालिकाना हक की पूरी जांच करें। जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाए कि यह जमीन वास्तव में स्कूल भवन के लिए है या खेल मैदान के लिए निर्धारित की गई है या नहीं।

अधिकारियों को दिए गए हैं विशेष निरीक्षण के निर्देश

आयोग ने महानिदेशक, माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा को यह निर्देश दिए हैं कि वे जिला शिक्षा अधिकारी सोनीपत के माध्यम से स्कूल का निरीक्षण करवाएं। इस रिपोर्ट में स्कूल के नाम या कब्जे में दर्ज कुल जमीन, उसकी वास्तविक स्थिति, खेल मैदान, कक्षाओं की कुल संख्या और उनका आकार, वेंटिलेशन, प्राकृतिक रोशनी, प्रयोगशाला, खेलकूद का सामान, शौचालय, पेयजल और अन्य सभी सुविधाओं का पूरा ब्योरा देना होगा। इसके अलावा विद्यार्थियों के नामांकन का पूरा विवरण भी रिपोर्ट में शामिल करना होगा। यह भी स्पष्ट करना होगा कि स्कूल की सुविधाएं निर्धारित शिक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।

राजस्व विभाग और स्थानीय प्राधिकरण को सत्यापन के निर्देश

सोनीपत के उपायुक्त को यह विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे राजस्व विभाग और स्थानीय प्राधिकरण के माध्यम से जमीन के स्वामित्व और अतिक्रमण का पूरा सत्यापन कराएं। यदि मौके पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे हटाने के लिए की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही स्कूल भवन, सभी कक्षाओं, प्रयोगशाला, कार्यशाला, खेल मैदान और आसपास की जमीन के हालिया छायाचित्र, स्थल योजना और सीमांकन की रिपोर्ट भी आयोग द्वारा मांग ली गई है।

अगली सुनवाई की तिथि और आदेश का दायरा

असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी। मुख्य शिकायत पर जो आदेश जारी किया गया है, वही आदेश शेष बची हुई 103 शिकायतों पर भी पूरी तरह से लागू होगा।

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