सोनीपत: कुंडली में दो माह से वेतन नहीं मिलने पर मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन

सोनीपत के कुंडली औद्योगिक क्षेत्र स्थित जूता बनाने वाली फैक्ट्री के करीब 200 प्रवासी कामगारों को पिछले दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इस बात से परेशान होकर गुरुवार को इन कामगारों ने फैक्ट्री के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। कामगारों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग से अपना बकाया वेतन जल्द से जल्द दिलाने की मांग की है।
महिला कामगार का दर्द और गंभीर समस्याएं
प्रदर्शन में शामिल एक महिला कामगार जिसका नाम अंजू है, उन्होंने अपनी परेशानी बताई। अंजू ने बताया कि पिछले दो महीने से किराया नहीं देने के कारण मकान मालिक ने उनका सारा सामान कमरे से बाहर निकाल दिया है। स्थानीय दुकानदारों ने भी अब उन्हें राशन उधार देना बिल्कुल बंद कर दिया है। अंजू ने यह भी बताया कि उनकी बेटी की शादी आगामी 10 तारीख को तय है और उन्होंने गांव जाने के लिए ट्रेन का टिकट भी कराया हुआ है। लेकिन स्थिति यह है कि उनके पास अपने घर बिहार जाने तक के भी पैसे नहीं बचे हैं।
वेतन मांगने पर उत्पीड़न और धमकियां देने के आरोप
कामगारों का मुख्य आरोप है कि फैक्ट्री मालिक हर बार केवल आज और कल में वेतन देने का झूठा आश्वासन देते हैं। लेकिन इसके बाद भी समय पर भुगतान बिल्कुल नहीं किया जाता है। कामगारों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपना बकाया वेतन मांगने कार्यालय जाते हैं, तब मानव संसाधन विभाग यानी HR और फैक्ट्री का अन्य स्टाफ उनसे काम करने का प्रमाण मांगकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करता है। जब कामगार अपनी इस जायज आवाज को उठाते हैं, तब उन्हें पुलिस का डर दिखाया जाता है और नौकरी से तुरंत निकालने की खुली धमकी भी दी जाती है। कामगारों के अनुसार, जब से पुराना मालिक गया है और नया प्रबंधन आया है, तब से कंपनी में पिछले करीब चार माह से लगातार परेशानी होने की बात कहकर वेतन देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
मजदूरों की चेतावनी और अधिकारियों की स्थिति
कामगारों ने कहा कि वे बेहद गरीब और असहाय प्रवासी मजदूर हैं। वे अपना सारा बकाया हिसाब पूरी तरह से चुकता करवाकर अब इस फैक्ट्री का काम हमेशा के लिए छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने देश के उपायुक्त और श्रम विभाग के अधिकारियों से इस गंभीर मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है। साथ ही उन्होंने यह बड़ी चेतावनी भी दी है कि यदि उनका बकाया वेतन और पूरा हिसाब जल्द नहीं मिला, तो वे भविष्य में बड़ा हड़ताल और आंदोलन करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर जब समाचार लिखे जाने का समय आया, तब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका था।