सोनीपत में मनाया गया क्षमावाणी पर्व, मेयर राजीव जैन और कविता जैन ने दी शिरकत

सोनीपत में क्षमावाणी पर्व के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। नगर निगम मेयर राजीव जैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन ने कार्यक्रमों में विचार व्यक्त किए। यह कार्यक्रम दिगंबर जैन मंदिर सेक्टर 15, मंडी और पुराना शहर में आयोजित किए गए।
क्षमा ही सबसे बड़ी शक्ति है
सोनीपत में रविवार को क्षमावाणी पर्व के अवसर पर आयोजित सभाओं में वक्ताओं ने अपने विचार रखे। राजीव जैन और कविता जैन ने कहा कि क्षमा ही धर्म है और क्षमा ही सबसे बड़ी शक्ति तथा साहस है। उन्होंने कहा कि क्षमावाणी केवल एक पर्व नहीं है बल्कि इसे अपने जीवन का संस्कार बनाना चाहिए। क्षमा मांगना और क्षमा करना दोनों ही बड़ेप्पन का प्रतीक है।
रथ यात्रा और सामूहिक भोज का आयोजन
पुराना शहर में भगवान को रथ पर सवार कर बैंड बाजों के साथ भव्य रथ यात्रा निकाली गई। मंडी में जलधारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेक्टर 15 में सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।
जीवन में अपनाएं क्षमा का भाव
वक्ताओं ने कहा कि क्षमावाणी एक दिन का पर्व नहीं होना चाहिए बल्कि इसे अपने जीवन की आदत बनानी चाहिए। क्षमा का अर्थ यह नहीं है कि गलत को सही मान लिया जाए, बल्कि गलत घटना से सीख लेनी चाहिए। आज के युग में छोटी-छोटी बातों से रिश्ते टूट रहे हैं। भाई-भाई से दूर हो रहा है और पति-पत्नी में तलाक हो रहा है। लोग नाराज होकर एक-दूसरे को मार रहे हैं। ऐसे वातावरण में छोटा सा शब्द क्षमा सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है।
संकल्प लेने का अवसर
क्षमावाणी पर्व पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी गलती स्वीकार करेंगे। अहंकार को रिश्तों की दीवार नहीं बनने देंगे। हर व्यक्ति को क्षमा करने का भाव रखेंगे। कार्यक्रम में एसके जैन एडवोकेट, पीयूष जैन, राजेंद्र जैन, अतुल जैन, मुकेश जैन, मनीष जैन, अवनीश जैन समेत बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित रहे।