सोनीपत: हाइड्रोजन ट्रेन में 35 कार्यकर्ताओं संग जींद रवाना हुईं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता

सोनीपत, 23 सितंबर। हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता बुधवार को गोहाना पहुंचीं। उन्होंने वहां पहुंचकर 35 कार्यकर्ताओं के साथ टिकट लिया। इसके बाद वह हाइड्रोजन ट्रेन से जींद के लिए रवाना हुईं। ट्रेन में सवार होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से खास बातचीत की। सफर के दौरान उन्होंने यात्रियों से भी बातचीत की। उन्होंने ट्रेन में मिल रही सभी प्रकार की सुविधाओं का जायजा लिया। यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलती है। यह ट्रेन गोहाना समेत कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। इस ट्रेन का नियमित संचालन इसी साल जुलाई के महीने में शुरू हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार
डॉ. अर्चना गुप्ता ने हरियाणा को हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रेलवे में नई तकनीक के साथ स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके अनुसार रेलवे का आधुनिकीकरण केवल नई ट्रेनों तक सीमित नहीं है। बल्कि स्वच्छता, विद्युतीकरण, सुरक्षा और रेलवे स्टेशनों के विकास पर भी तेजी से काम हो रहा है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि रेलवे में जैव शौचालयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा रेल मार्गों के विद्युतीकरण पर भी पूरा जोर दिया गया है। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं वाली वंदे भारत ट्रेनों का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही सभी तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने समर्पित माल ढुलाई गलियारे का भी अपनी बातचीत में जिक्र किया।
चिनाब रेलवे पुल और हाइड्रोजन तकनीक की जानकारी
डॉ. गुप्ता ने चिनाब रेलवे पुल को देश की अभियंत्रिकी और तकनीकी क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे के विकास की यह सारी जानकारी गांव, गरीब और आम यात्री तक जरूर पहुंचनी चाहिए। आपको बता दें कि हाइड्रोजन ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली बनाती है। इसका प्रत्यक्ष उप-उत्पाद केवल जलवाष्प है। हालांकि इस ट्रेन में सामान्य समय में यात्रियों की संख्या काफी कम दिखाई दे रही है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार इस ट्रेन में प्रतिदिन करीब 40 से 60 यात्री ही सफर कर रहे हैं। जबकि इस ट्रेन की कुल क्षमता करीब 2,600 यात्रियों की है। रेलवे कम यात्री संख्या को देखते हुए इसके संचालन में बदलाव करने की सोच रहा है। रेलवे इसके दिल्ली तक विस्तार के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।