सिरसा: सांसद कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

सिरसा: सांसद कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर देश की जनता का विश्वास लोकतंत्र की बुनियाद है। यदि इस संस्था के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर होता है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

कांग्रेस हमेशा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की पक्षधर रही है। कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा एवं स्वायत्तता की रक्षा के लिए हमेशा आवाज उठाती रहेगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल पर उठाए सवाल

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सांसद कुमारी सैलजा ने शनिवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए कई फैसलों को लेकर विपक्ष और आम नागरिकों के बीच गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और राजनीतिक प्रभाव से मुक्त दिखाई देने चाहिए।

जिन निर्णयों और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच हो। आवश्यक तथ्य सार्वजनिक किए जाएं, ताकि देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मतदाता सूचियों और एसआईआर पर चिंता

सांसद ने कहा कि एसआईआर और मतदाता सूचियों को लेकर कांग्रेस लगातार अपनी चिंताएं सामने रख रही है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से नहीं हटना चाहिए।

मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने संबंधी शिकायतों और आरोपों की पारदर्शी जांच जरूरी है। प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की मनमानी स्वीकार नहीं की जा सकती।

शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग

कांग्रेस की मांग है कि इन शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ नहीं है। कांग्रेस संस्थाओं की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लड़ रही है। चुनाव आयोग को विपक्ष और नागरिकों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का तथ्यपूर्ण जवाब देना चाहिए। चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया के प्रति विश्वास मजबूत करना है।

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