सिरसा में किसान विरोधी फैसलों पर फूटा गुस्सा, किसानों ने रोड़ी अनाज मंडी में किया जोरदार प्रदर्शन और हरियाणा सरकार का पुतला फूंका

सिरसा में किसान विरोधी फैसलों पर फूटा गुस्सा, किसानों ने रोड़ी अनाज मंडी में किया जोरदार प्रदर्शन और हरियाणा सरकार का पुतला फूंका

यह खबर सिरसा से है। किसान विरोधी फसलों को लेकर रविवार को किसानों ने जिले की रोड़ी अनाज मंडी में रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने हरियाणा सरकार का पुतला फूंका।

किसानों का रोष प्रदर्शन और मुख्य मांगें

किसान नेता लखविंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान एकता के सदस्य रोड़ी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। उन्होंने वहां जमकर रोष जाहिर किया।

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लखविंद्र सिंह ने बताया कि राज्य भर की अनाज मंडियों में धान खरीद में लगातार देरी हो रही है। इसके अलावा जिलेवार लगाई गई खरीद लिमिट यानी कैपिंग, फसल पंजीकरण और वेरिफिकेशन की जटिल प्रक्रियाओं से किसान बुरी तरह परेशान हैं।

कंबाइन का समय तय करने और एमएसपी की मांग

किसानों की मांग है कि फसल कटाई के लिए कंबाइन का समय तय किया जाए। साथ ही जिलेवार धान खरीद पर लगाई गई लिमिट या कैप को तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए।

21 से 27 सितंबर तक खोले गए पोर्टल पर जिन किसानों ने आवेदन किए हैं, उनका पंजीकरण और वेरिफिकेशन तुरंत प्रभाव से पूरा किया जाए। ऐसा इसलिए ताकि वे अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर बेच सकें।

मंडियों में पड़ी धान और अधिकारियों का आश्वासन

रोड़ी मंडी में 27 सितंबर से किसानों की 23,000 क्विंटल धान पड़ी है। लेकिन अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। इससे फसलों के चोरी होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर डीएमई ने आश्वासन दिया कि राइस मिलरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सोमवार से खरीद शुरू कर दी जाएगी।

पारदर्शिता और बड़े आंदोलन की चेतावनी

किसानों ने मांग रखी कि सभी मंडियों व फोकल पॉइंटों पर फ्लेक्स बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों पर फसल खरीद खर्च व मजदूरी स्पष्ट रूप से अंकित हो, ताकि पूरी तरह पारदर्शिता बनी रहे।

साथ ही किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने किसान विरोधी फैसले वापस नहीं लिए, तो किसान व मजदूर सड़कों पर उतरेंगे। वे एक बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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