सिरसा के संत नगर में जश्न, एशियन गेम्स में हॉकी स्वर्ण पदक जीतने पर खिलाड़ी राजेंद्र सिंह के घर खुशी

एशियन गेम्स के पुरुष हॉकी फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस शानदार जीत के बाद जिले के रानियां क्षेत्र के गांव संत नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के युवा मिडफील्डर राजेंद्र सिंह के भारतीय टीम का हिस्सा होने से ग्रामीणों और खेल प्रेमियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
टीवी स्क्रीन पर टकटकी लगाकर देखते रहे लोग
शनिवार को मैच शुरू होते ही गांव में घरों, दुकानों और अन्य स्थानों पर लोग टीवी स्क्रीन के सामने डटे रहे और अंतिम सीटी का इंतजार करते रहे। जैसे ही भारत की शानदार जीत हुई, संत नगर में लोग खुशी से झूम उठे और एक-दूसरे को बधाइयां देने लगे।
लगातार दूसरी बार जीता एशियन गेम्स का स्वर्ण
भारत की यह जीत इसलिए भी खास रही कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। स्वर्ण पदक के साथ भारतीय टीम ने लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई भी कर लिया।
राजेंद्र सिंह के लिए दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि
संत नगर के राजेंद्र सिंह के लिए यह लगातार दूसरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। इससे पहले उनका चयन भारतीय टीम के साथ विश्व कप के लिए हुआ था और अब एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।
कोच ने राजेंद्र की मेहनत की सराहना की
राजेंद्र के शुरुआती कोच हरविंदर सिंह ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि राजेंद्र ने वर्षों की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी मानसिक दृढ़ता, खेल की समझ और बेहतर स्किल ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। हरविंदर सिंह ने उम्मीद जताई कि राजेंद्र आने वाले समय में भी देश और क्षेत्र का नाम रोशन करते रहेंगे।
संत नगर की गौरवशाली हॉकी परंपरा
संत नगर की हॉकी परंपरा पहले से ही गौरवशाली रही है। गांव से एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जबकि तीन खिलाड़ी ओलंपियन रहे हैं। अब राजेंद्र सिंह की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम का हिस्सा बनने की उपलब्धि ने संत नगर की इस हॉकी परंपरा में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है।