नरवाना में भव्य शोभायात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ वातावरण

भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण के जयकारों से भक्तिमय हुआ नरवाना,
सिर पर श्रीमद् भागवत ग्रंथ धारण कर आगे चले मुख्य अतिथि मोहन लाल गर्ग
नरेंद्र जेठी /नरवाना /03 अक्टूबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर नरवाना में श्रद्धा और भक्ति से सराबोर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा बाबा गैबी साहब से शुरू होकर सिंगला धर्मशाला, पटेल नगर पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता मोहन लाल गर्ग ने शिरकत की। उन्होंने श्रीमद् भागवत ग्रंथ को सिर पर धारण कर शोभायात्रा का नेतृत्व किया। उनके पीछे श्रद्धालु धार्मिक जयघोष करते हुए आगे बढ़े।
मार्ग में श्रद्धालुओं ने ग्रंथ के दर्शन कर भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि की कामना की।इस अवसर पर भाजपा जनकल्याण मंच के प्रदेश महामंत्री अशोक मेहरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा जैसे धार्मिक आयोजन समाज को संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उपदेशों पर आधारित यह पवित्र ग्रंथ मनुष्य को धर्म, सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।अशोक मेहरा ने कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में आपसी सद्भाव, भाईचारे और सेवा की भावना मजबूत होती है। ऐसे आयोजनों में परिवार सहित भाग लेकर नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना चाहिए।मुख्य अतिथि मोहन लाल गर्ग ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कथा और सत्संग से मनुष्य को अच्छे संस्कार अपनाने तथा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर धर्म लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया।आयोजकों ने बताया कि सिंगला धर्मशाला, पटेल नगर में 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर तक आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं, भक्ति, धर्म और मानव जीवन के नैतिक मूल्यों से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण करने का अवसर मिलेगा।शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे आयोजन में श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति के प्रति आस्था का भाव देखने को मिला। आयोजकों ने नरवाना शहर एवं आसपास के क्षेत्र के धर्मप्रेमी लोगों से कथा में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।