हरियाणा में एक मंजिल पर एक से अधिक फ्लैट होने पर मिलेंगे अलग-अलग बिजली कनेक्शन, छह अक्टूबर को होगी जनसुनवाई

हरियाणा के आवासीय क्षेत्रों में अब एक मंजिल पर एक से अधिक मकानों में अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है। लंबे समय से उपभोक्ताओं की तरफ से लगातार यह मांग की जा रही थी। इसके अलावा गुरुग्राम समेत कई जिला अदालतों द्वारा इस विषय पर महत्वपूर्ण फैसले दिए गए थे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए अब हरियाणा विद्युत नियामक आयोग द्वारा आगामी छह अक्टूबर को एक विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के पूरा होने के बाद ही इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मेट्रो शहरों की हाउसिंग सोसायटियों की स्थिति
हरियाणा के प्रमुख मेट्रो शहरों विशेषकर गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में आज तेजी से ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां विकसित हो रही हैं। इन सोसायटियों और आवासीय क्षेत्रों में अक्सर यह देखने को मिलता है कि एक ही फ्लोर पर एक से अधिक मकान बने हुए हैं। वर्तमान समय में स्थिति यह है कि एक पूरे फ्लोर पर केवल एक ही बिजली का कनेक्शन दिया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण अक्सर इन मकानों में रहने वाले अलग-अलग परिवारों के बीच आपसी झगड़े होते रहते हैं।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की याचिका
इसी समस्या को मुख्य आधार बनाते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक कदम उठाया है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने एक ही मंजिल पर निर्मित बहु-फ्लैटों तथा हरियाणा भवन संहिता के उल्लंघन में बनाए जा रहे फ्लैटों को बिजली कनेक्शन जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने हरियाणा विद्युत विनियामक बोर्ड के समक्ष एक आधिकारिक याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने यह मांग की है कि एक ही मंजिल पर निर्मित कई अलग-अलग फ्लैटों के लिए अलग-अलग बिजली कनेक्शन प्रदान किए जाएं। इसके संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और नियमों में उपयुक्त संशोधन करने की भी मांग उठाई गई है।
नियमों में संशोधन और जनता की मांग
वर्तमान समय में ऐसा कोई भी नियम मौजूद नहीं है जिसके तहत एक ही फ्लोर पर बने हुए एक से अधिक मकानों को अलग-अलग कनेक्शन दिए जा सकें। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास इस समय ऐसे ढेरों आवेदक तथा ज्ञापन पहुंच चुके हैं जिनमें लगातार यही मांग उठाई जा रही है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष जो याचिका दायर की गई है उसमें देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का भी विशेष रूप से हवाला दिया गया है।
नए नियमों का ड्राफ्ट और अदालती आदेश
नए नियमों के तैयार किए गए ड्राफ्ट में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक ही व्यक्ति के स्वामित्व वाली या फिर लीज अथवा किराए पर लिए गए विभाजित परिसर में एक अलग इकाई होती है। एक बहुमंजिला इमारत के भीतर, यदि संपत्ति का शीर्षक या फिर रजिस्ट्री मंजिल के आधार पर यानी मंजिल वार है या फिर मालिक अपना किराए नामा प्रस्तुत करता है, तो अलग मंजिल वार कनेक्शन दिया जा सकता है। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने यह बात कही है कि एक तरफ तो अदालत के सख्त आदेश सामने आ रहे हैं और दूसरी तरफ हरियाणा भवन संहिता का खुला उल्लंघन हो रहा है। ऐसे हालात में बिजली कनेक्शन के संबंध में कोई भी ठोस निर्णय लिया जाना बेहद जरूरी हो गया है। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने इस पूरे मामले के संबंध में छह अक्टूबर को जनसुनवाई आयोजित की है जिसमें आम जनता तथा इससे जुड़े सभी संबंधित हित धारक अपनी पूरी भागीदारी निभा सकेंगे।