हिंदी दिवस पर शिक्षिका सविता जांगड़ा बोलीं - नई पीढ़ी को हिंदी से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है

तरावड़ी में हिंदी दिवस के अवसर पर शिक्षिका सविता जांगड़ा ने हिंदी के महत्व और वर्तमान समय में इसकी बढ़ती उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए हैं।
मुख्य बिंदु:
- हिंदी हमारी संस्कृति, संस्कारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है।
- डिजिटल युग में इंटरनेट, सोशल मीडिया और मोबाइल एप्लीकेशन पर हिंदी का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है।
- नई पीढ़ी को हिंदी की समृद्ध विरासत से जोड़ना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिक्षिका सविता जांगड़ा ने कहा कि हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं है, बल्कि यह देश की विविधता को एक सूत्र में पिरोने वाली भाषा भी है। हिंदी दिवस मनाकर हम सभी हिंदी भाषा के महत्व, गौरव और समृद्ध विरासत को याद करते हैं। हिंदी ने सदियों से देश के अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के बीच संवाद स्थापित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सविता जांगड़ा ने आगे कहा कि आज के डिजिटल युग में हिंदी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इंटरनेट, सोशल मीडिया, मोबाइल एप्लीकेशन और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी का प्रयोग लगातार बहुत बढ़ रहा है। हिंदी अब केवल किताबों, पत्र-पत्रिकाओं और अखबारों तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और डिजिटल संचार का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि हिंदी को केवल हिंदी दिवस तक सीमित न रखा जाए। इसे दैनिक जीवन, शिक्षा, प्रशासन और कार्यक्षेत्र में भी हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। देश की अन्य भारतीय भाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी को आपसी संवाद और एकता को मजबूत करने वाली भाषा के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने अंत में कहा कि हिंदी का सम्मान तभी पूरी तरह सार्थक होगा जब हिंदी हमारे व्यवहार और विचारों का हिस्सा बनेगी। नई पीढ़ी को हिंदी की समृद्ध विरासत से जोड़ने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक के माध्यम से हिंदी को और अधिक सशक्त एवं लोकप्रिय बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे हिंदी भाषा के प्रति गर्व की भावना रखते हुए इसका अधिक से अधिक प्रयोग करें और तकनीक के इस दौर में हिंदी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।