रेवाड़ी के भाड़ावास गांव में विवाद के बाद श्मशान घाट से हटाया गया ओपन जिम

रेवाड़ी जिले के भाड़ावास गांव के श्मशान घाट परिसर में बने ओपन जिम को विवाद के बाद हटा दिया गया है। इस ओपन जिम का निर्माण करीब चार महीने पहले किया गया था। पंचायत ने जिम की सभी मशीनें वापस हटवाकर ठेकेदार के पास रखवा दी हैं। अब पंचायत की तरफ से गांव में जिम लगाने के लिए दूसरी उपयुक्त जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। - भाड़ावास गांव के श्मशान घाट से हटाया गया ओपन जिम। - पंचायत ने सभी मशीनें हटवाकर ठेकेदार को सौंपीं। - जमीन मिलते ही एक सप्ताह में दोबारा शुरू होगा जिम। ## श्मशान भूमि में कब और कैसे बना था जिम रेवाड़ी जिले के भाड़ावास गांव में शाहजहांपुर रोड पर करीब आधा एकड़ श्मशान भूमि स्थित है। इस पूरे परिसर के अंदर तीन टीनशेड बने हुए हैं। इनमें से दो टीनशेड का इस्तेमाल अंतिम संस्कार के लिए किया जाता है। इसके अलावा एक टीनशेड का इस्तेमाल लोगों के बैठने के लिए किया जाता है। पंचायत ने ठीक करीब चार महीने पहले इसी परिसर के अंदर ओपन जिम का निर्माण कराया था। एक टीनशेड के नीचे जिम की मशीनें लगाने का काम किया गया था और वहां पर टाइल भी बिछाई गई थी। ## ग्रामीणों ने क्यों किया था जिम का विरोध जिम बनने के बाद से ही लगातार ग्रामीण इसका विरोध कर रहे थे। ग्रामीणों का साफ तौर पर यह कहना था कि श्मशान घाट में जिम होने के कारण अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों को बैठने में काफी परेशानी होती है। वहीं दूसरी तरफ गांव से काफी दूर होने के कारण बच्चे और युवा यहां व्यायाम करने के लिए बिल्कुल नहीं पहुंचते थे। ग्रामीणों की मांग थी कि इस जिम को गांव के अंदर किसी सार्वजनिक स्थान पर बनाया जाना चाहिए। ग्रामीणों की मांग थी कि ऐसी जगह जिम बने जहां अधिक से अधिक लोग इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकें। ## सरपंच ने क्या दी मामले पर पूरी जानकारी सरपंच सुनील कुमार ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी गाइडलाइन के अनुसार ओपन जिम के लिए करीब 450 वर्गगज जमीन जरूरी होती है। गांव के अंदर इतनी अधिक जमीन उपलब्ध नहीं थी जिसकी वजह से श्मशान भूमि में जिम बनाई गई थी। इस जिम का पूरा निर्माण पंचायत विभाग की ग्रांट से कराया गया था। सरपंच सुनील कुमार ने शनिवार को यह भी बताया कि जगह को लेकर उपजे विवाद के बाद जिम हटाने का बड़ा फैसला लिया गया है। जैसे ही गांव में जिम के लिए दूसरी जमीन मिल जाएगी करीब एक सप्ताह के भीतर जिम को दोबारा से शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिम अभी पंचायत को हैंडओवर नहीं हुई थी इसलिए सभी मशीनें सुरक्षित रूप से ठेकेदार के पास रखवा दी गई हैं।