रेवाड़ी के खरखड़ा गांव में कूड़ा निस्तारण का विवाद एनजीटी में पहुंचा, खुले में कूड़ा जलाने पर सख्त कार्रवाई की मांग

रेवाड़ी जिले के गांव खरखड़ा में कूड़ा निस्तारण का मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी तक पहुंच चुका है। मामला एनजीटी तक पहुंचने के बावजूद खुले में कूड़ा डालने और जलाने के नए आरोप सामने आए हैं। इस घटना की शिकायत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से की गई है और जांच तथा कार्रवाई की मांग की गई है।
- गांधी जयंती पर नए जोहड़ के पास कूड़े में लगाई गई आग
- एनजीटी में पहले से चल रहा है मामला, दो दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
गांधी जयंती के दिन जलाया गया कूड़ा
शिकायतकर्ता के अनुसार दो अक्टूबर, यानी गांधी जयंती के दिन गांव में ग्राम सभा के दौरान नए जोहड़ के पास बड़ी मात्रा में कूड़े में आग लगा दी गई। इस घटना से आसपास के क्षेत्र में धुआं फैल गया। धुआं फैलने के साथ ही दुर्गंध और वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति बन गई।
ग्राम पंचायत और सड़क के पास डाला जाता है कूड़ा
शिकायतकर्ता ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से घरों से डोर-टू-डोर यानी घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र किया जाता है। इस एकत्र किए गए कूड़े को आईजी साउथ रेंज कार्यालय और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की सड़क के पास बने नए जोहड़ के आसपास डाल दिया जाता है। इसके बाद इस डाले गए कूड़े को वहीं पर जला दिया जाता है।
एनजीटी में चल रही है मामले की सुनवाई
खरखड़ा निवासी कांता देवी की शिकायत पर खुले में कूड़ा डालने और उचित निस्तारण नहीं होने का मामला पहले ही एनजीटी पहुंच चुका है। इस मामले की सुनवाई आठ सितंबर को एनजीटी की प्रधान पीठ में हुई थी। इस ट्रिब्यूनल ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, ग्राम पंचायत खरखड़ा के सरपंच और रेवाड़ी के जिला उपायुक्त को प्रतिवादी बनाया है। संबंधित पक्षों से अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपना जवाब मांगा गया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब दो दिसंबर को होगी।
एचएसपीसीबी लगा चुका है जुर्माना
शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि खुले में कूड़ा डालने के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी एचएसपीसीबी की ओर से बीडीपीओ धारूहेड़ा पर तीन बार जुर्माना लगाया जा चुका है। इसके बावजूद यह समस्या लगातार बनी हुई है। शिकायतकर्ता के अनुसार करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार नए जोहड़ के आसपास भी लगातार कूड़ा डाला जा रहा है। अब सभी की नजरें संबंधित विभागों की जांच और उनके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।