रेवाड़ी: चुनाव से पहले बांटे गए बीपीएल कार्ड, अब जीत के बाद काटे जा रहे हैं नाम - ओमप्रकाश धानक

अखिल भारतीय धानक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धानक ने बीपीएल परिवारों की सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। यह मामला रेवाड़ी जिले से सामने आया है जहां विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद बीपीएल परिवारों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
चुनाव से पहले और बाद के आंकड़ों में अंतर
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में बीपीएल परिवारों की संख्या बढ़कर करीब 52.50 लाख तक पहुंच गई थी। लेकिन चुनाव के कुछ समय बाद लगभग 13.50 लाख परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किए जाने की बात सामने आई है। अब इसके साथ ही शेष परिवारों की पात्रता की भी दोबारा जांच कराई जा रही है।
आर्थिक और सामाजिक बदलाव पर सवाल
ओमप्रकाश धानक ने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इतनी कम समय में ऐसा कौन-सा आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन हुआ है। इस बदलाव के चलते इतनी बड़ी संख्या में परिवार बीपीएल की पात्रता से बाहर हो गए हैं। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या इन परिवारों की आर्थिक स्थिति में वास्तव में इतना सुधार हुआ है कि उन्हें अब सरकारी योजनाओं की आवश्यकता नहीं रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या चुनाव से पहले बीपीएल सूची तैयार करते समय पर्याप्त सत्यापन नहीं किया गया था।
बीपीएल कार्ड का महत्व और पारदर्शी जांच की मांग
उन्होंने कहा कि बीपीएल कार्ड गरीब परिवारों के लिए केवल एक दस्तावेज नहीं है। बल्कि यह राशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण आधार होता है। इसलिए पात्र परिवारों के नाम सूची से हटाने से पहले पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए। साथ ही संबंधित परिवारों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर भी मिलना चाहिए।