रेवाड़ी के गांव भाड़ावास में इंडियन पोटाश लिमिटेड द्वारा उर्वरक पाठशाला और पीएम किसान संगोष्ठी का हुआ आयोजन

रेवाड़ी के गांव भाड़ावास में इंडियन पोटाश लिमिटेड द्वारा उर्वरक पाठशाला और पीएम किसान संगोष्ठी का हुआ आयोजन

इंडियन पोटाश लिमिटेड के द्वारा गांव भाड़ावास जिला रेवाड़ी में उर्वरक पाठशाल का आयोजन किया गया। अटल हिन्द के लिए मनोज गोयल की रिपोर्ट के अनुसार, रेवाड़ी जिले के गांव भाड़ावास में इंडियन पोटाश लिमिटेड की ओर से उर्वरक पाठशाला एवं पीएम किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में गाँव के लगभग 130 से 145 किसानों ने भाग लिया। किसानों ने इस दौरान संतुलित एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के बारे में पूरी जानकारी ली।

कार्यक्रम में दी गई उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी

कार्यक्रम के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। इसके अलावा एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन यानी INM, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करने के उपायों के बारे में बताया गया। फसल उत्पादन में पॉलीहेलाइट और पोटाश के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञ ने किसानों को फसलों में FOM के उपयोग से होने वाले लाभों और इसके बेहतर परिणामों के बारे में भी पूरी बात बताई।

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विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों से किया सीधा संवाद

संगोष्ठी में रेवाड़ी जिले के इंडिया पोटाश लिमिटेड के एरिया ऑफिसर श्री अरविंद कुमार जी ने भाग लिया। बावल के सहायक वैज्ञानिक यानी कृषि विज्ञान डॉ. नविश कुमार और भिवानी के श्री रुपेंद्र सिंह ने भी किसानों से संवाद किया। उन्होंने मृदा की उर्वरता बनाए रखने के लिए फसलों की आवश्यकता के अनुसार पोषक तत्वों का संतुलित उपयोग करने को कहा। यह उपयोग पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके से करने के बारे में विस्तार से बताया गया।

मृदा स्वास्थ्य और फसल उत्पादकता सुधारने पर दिया गया जोर

इंडियन पोटाश लिमिटेड कम्पनी के अधिकारी अरविंद कुमार जी और विशेषज्ञ ने विशेष बात कही। उन्होंने कहा कि संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन से मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखा जा सकता है। इसके साथ ही फसल की उत्पादकता और गुणवत्ता में भी सुधार किया जा सकता है। किसानों को खेती में जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के उचित समन्वय की सलाह दी गई। साथ ही किसानों को मृदा स्वास्थ्य के प्रति हमेशा जागरूक रहने की सलाह दी गई।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य और किसानों की प्रतिक्रिया

इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना रहा। यह उद्देश्य संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और बेहतर फसल उत्पादकता के प्रति था। कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। किसानों ने कहा कि संगोष्ठी में दी गई कृषि संबंधी जानकारी उनके लिए बहुत अधिक उपयोगी साबित हुई है।

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