रेवाड़ी में किसानों ने एमएसपी पर बाजरा खरीद की उठाई जोरदार मांग, भावांतर योजना से हुआ भारी घाटा

रेवाड़ी में किसानों ने एमएसपी पर बाजरा खरीद की उठाई जोरदार मांग, भावांतर योजना से हुआ भारी घाटा

लोक सेवा मंच के मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत रेवाड़ी मंडी में किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर संवाद किया। किसानों ने एमएसपी पर तुरंत सरकारी खरीद शुरू करने की पुरजोर मांग उठाई है।

  • रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा खरीद में हो रही देरी से किसान परेशान हैं।
  • एमएसपी से नीचे बोली लगने के कारण किसानों को भारी घाटा हो रहा है।
  • लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों ने धरने पर बैठे किसानों का हाल-चाल जाना।

एमएसपी से नीचे बिक रहा बाजरा

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सरकारी खरीद में हो रही निरंतर देरी के कारण हजारों किसान एमएसपी से नीचे अनाज मंडी में लगाई जा रही बोली के कारण भारी घाटे में अपना बाजरा बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इस स्थिति के कारण किसानों में अत्यधिक निराशा पनप रही है। मंडी में बाजरा बेचने आए किसानों व धरने पर बैठे किसानों का जनहित में जारी मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान के तहत हाल-चाल जानने आए राष्ट्रीय सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच के पदाधिकारियों से किसानों ने संवाद किया। किसानों ने सरकार से उनके बाजरा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू करने सहित ज्वलंत समस्याओं के समाधान की जोरदार मांग उठाई है। मंच ने प्रदेश के कृषि मंत्री व मुख्यमंत्री से किसानों की मांगों पर तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।

गत वर्ष भावांतर योजना से हुआ नुकसान

एमएसपी पर बाजरा खरीदने की मांग को लेकर मंडी में धरने पर बैठे किसानों ने सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच को बताया कि गत वर्ष भावांतर योजना के तहत बाजरा बेचने पर उन्हें भारी घाटा हुआ। उन्होंने सरकार से एमएसपी पर बाजरा की खरीद तुरंत शुरू किए जाने की पुरजोर मांग की है। पत्रकारों से बातचीत में राष्ट्रीय प्रगतिशील विचारक एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच ने कहा कि विगत में अनेक बार दौरान भावांतर योजना के तहत बाजरा की हुई खरीद को लेकर किसानों का अनुभव अच्छा नहीं रहा। बड़ी संख्या में किसानों ने बताया कि गत वर्ष भावांतर योजना के तहत बाजरा की बिक्री से उन्हें एमएसपी के बराबर भी रेट नहीं मिल सका। भावांतर की धनराशी अभी तक अनेक किसानों के खातों में नहीं पहुंची है।

रबी फसलों की बिजाई और वित्तीय संकट

एमएसपी से नीचे की बोली पर होनेवाली बिक्री व भावांतर की धनराशियों के भुगतान में देरी के कारण उन्हें रबी फसलों की बिजाई व अन्य घरेलू खर्चों का प्रबंध करने के लिए पर्याप्त धन जुटाने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। किसानों, खासकर छोटी जोत के, यानी अपेक्षाकृत कम कृषिभूमि के मालिक किसानों की पुरजोर मांग है कि उनके बाजरा की खरीद एमएसपी पर तुरंत शुरू की जाए। बिक्री की धनराशि का भुगतान भी तत्काल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे उन्हें रबी फसलों के लिए जुताई-बिजाई करने सहित घरेलू व त्योहारी खर्चों का इंतजाम करने में मदद मिल सकेगी।

बीज, खाद और बुनियादी सुविधाओं की मांग

इस अवसर पर व्यापक जनहित में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अशोक प्रधान लोक सेवा मंच सहित कोर कमेटी के सदस्य बीके राम सिंह, राजीव कुमार, नंदलाल यादव से बातचीत करते हुए किसानों ने रबी फसलों की बिजाई के लिए सरकार से सस्ते रेट पर बीज व खाद उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। अशोक प्रधान ने कहा कि सरकार को जनहित में किसानों को सस्ते रेट्स पर अच्छी क्वालिटी के बीजों व डीएपी खाद की भरपूर मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। किसानों ने बताया कि मंडी में साफ-सफाई सहित निःशुल्क तौर पर खान-पान व स्वच्छ शौचालय, पीने योग्य साफ पानी आदि बुनियादी जन सुविधाओं का भारी अभाव है। किसानों को आश्वासन देते हुए सामाजिक संगठन लोक सेवा मंच की कोर कमेटी ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान होने तक मेगा मिशन जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा।

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