रेवाड़ी एम्स माजरा को मिली 50 एमबीबीएस सीटें, नवंबर तक शुरू होगी ओपीडी सेवा

रेवाड़ी एम्स माजरा को मिली 50 एमबीबीएस सीटें, नवंबर तक शुरू होगी ओपीडी सेवा

हरियाणा के रेवाड़ी में स्थित एम्स माजरा को लेकर एक बड़ी और अहम जानकारी सामने आई है। स्वास्थ्य, आयुष एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आरती सिंह राव ने शुक्रवार को इसकी पूरी जानकारी दी है। मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि एम्स माजरा में ओपीडी सेवा नवंबर महीने तक शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

एम्स माजरा में नवंबर तक शुरू होगी ओपीडी

स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में एम्स के निदेशक डॉ. डीएन शर्मा के साथ बातचीत की है। इसके अलावा पिछले सप्ताह स्वास्थ्य विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई थी। इस बैठक के दौरान एम्स माजरा में ओपीडी सेवा शुरू करने और अन्य सभी तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई थी। मंत्री के अनुसार तय योजना के मुताबिक नवंबर तक एम्स की ओपीडी हर हाल में शुरू हो जानी चाहिए।

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मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों पर दाखिले

मंत्री आरती सिंह राव ने यह भी जानकारी दी है कि मेडिकल कॉलेज के लिए 50 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिल चुकी है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए टीचिंग स्टाफ की पूरी व्यवस्था भी पहले से ही मौजूद है। इसी साल से मेडिकल कॉलेज की शुरुआत होने की उम्मीद है और 50 सीटों पर विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की ओर से भी एम्स माजरा में इन 50 एमबीबीएस सीटों को आधिकारिक मंजूरी दी जा चुकी है।

भविष्य में बड़े चिकित्सा संस्थान के रूप में होगा विकास

एम्स माजरा को भविष्य में एक बहुत बड़े चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित करने की पूरी योजना है। अपनी पूर्ण क्षमता पर यहां लगभग 750 बेड की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। आगे चलकर एमबीबीएस की इन सीटों की संख्या को बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। क्षेत्र में ओपीडी शुरू होने से स्थानीय लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं अपने ही स्थानीय स्तर पर मिलने की उम्मीद है।

पटीकरा आयुर्वेदिक कॉलेज को मिली 100 सीटों की मंजूरी

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने यह भी बताया कि बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज, पटीकरा में 100 सीटों को मंजूरी मिल गई है। इससे पहले कॉलेज को इन निश्चित सीटों के लिए अनुमति नहीं मिल पाई थी। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुनर्मूल्यांकन के लिए मामला उच्च स्तर पर भेजा गया था। अब पुनर्मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया के बाद कॉलेज को 100 सीटों की आधिकारिक स्वीकृति मिल गई है।

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