चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिला आखिरी मौका

चेक बाउंस मामले में नया मोड़ सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता राजपाल यादव को मामले में राहत देते हुए आखिरी मौका दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, बची हुई रकम को दो हफ्तों के भीतर जमा करना होगा। ऐसा न करने पर उनकी मुश्किलें काफी बढ़ जाएंगी। कानून की चौखट पर हर एक चाल पर पैनी नजर रखी जाएगी।
फिल्मों में अपने अभिनय से सबको हंसाने वाले राजपाल यादव के किरदार बेहद कमाल के थे। लेकिन असली जिंदगी के सीन में वह अपना हिसाब पूरा नहीं रख पाए। करोड़ों रुपये का यह चेक एक बड़े विवाद का विषय बना है। कागज पर लिखी गई यह रकम एक तकाजा बन चुकी है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यह उनके पास एक बड़ा मौका है जिससे बात बन सकती है और बची हुई रकम अब जमा की जा सकती है।
कानून की पटकथा और फिल्मी दुनिया की सच्चाई
फिल्मी पर्दे पर जब चाहे तब हंसी के फव्वारे छूट सकते हैं। लेकिन कानून की इस पटकथा में तारीख और रकम से जुड़ा कोई भी नियम पीछे नहीं छूट सकता है। यह पूरी कहानी हमें यह बताती है कि हंसी-मजाक अपनी जगह बिल्कुल सही है। लेकिन किसी भी चेक पर हस्ताक्षर करने से पहले व्यक्ति को सौ बार सोचना चाहिए।
चेक पर हस्ताक्षर से पहले सोचना जरूरी
पर्दे पर केवल कट कहने से ही कोई भी दृश्य तुरंत रुक जाता है। इसके विपरीत, कोर्ट की इस असल पटकथा में हिसाब को पूरी तरह से चुकाना पड़ता है। यह सारी जानकारी संजय एम तराणेकर द्वारा रचित कविता के माध्यम से सामने आई है। वह एक कवि, लेखक और समीक्षक हैं जिनका निवास इन्दौर, मध्य प्रदेश में है।