राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: किस चरण में कौन जिला?

Atal Hind Team Online3 October 202610 min read0 viewsराजस्थान
राजस्थान पंचायत चुनाव 2026: किस चरण में कौन जिला?

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 की तारीखें घोषित!

चार चरणों में होंगे चुनाव

किस चरण में कौन-कौन से जिलों में मतदान होगा?

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पूरी चरणवार सूची एक नजर में देखें और जानें आपके जिले का चुनाव किस चरण में होगा

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 की तारीखें घोषित, जानें किस चरण में किस जिले में मतदान

राजस्थान, 3 अक्टूबर 2026 राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राजस्थान में चार चरणों में पंच-सरपंच के चुनाव 25 अक्टूबर से 16 नवंबर 2026 तक होंगे। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को कराया जाएगा।

दिनेश जांगिड़ /जयपुर /03 अक्टूबर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

राजस्थान की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 4.03 करोड़ मतदाता इस चुनाव में हिस्सा लेंगे और कुल 45,384 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

इंतजार खत्म, गांव की सरकार चुनने की तारीख तय

राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चल रही चुनावी तैयारियों को अब तारीख मिल गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 3 अक्टूबर 2026 को पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हो गया कि सभी पंचायत क्षेत्रों में एक ही दिन मतदान नहीं होगा, बल्कि प्रशासनिक और चुनावी व्यवस्था को देखते हुए मतदान चार चरणों में कराया जाएगा।

इस चुनाव में ग्राम पंचायत स्तर पर पंच और सरपंच, पंचायत समिति स्तर पर पंचायत समिति सदस्य तथा जिला स्तर पर जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे। इसके बाद जिला प्रमुख, प्रधान, उप जिला प्रमुख और उप प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होगी।

आयोग के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन और परिसीमन के बाद अब प्रदेश में 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें हैं। चुनाव का दायरा इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इसमें गांव से लेकर जिला स्तर तक प्रतिनिधियों का चयन होगा।

चार चरणों में पंच-सरपंच का मतदान

ग्राम पंचायत स्तर पर पंच और सरपंच के चुनाव चार चरणों में होंगे। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। इन पदों के लिए मतदान मतपेटी/बैलेट पेपर से कराया जाएगा और संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की जाएगी।

चरण पंच-सरपंच मतदान उपसरपंच चुनाव

प्रथम चरण 25 अक्टूबर 2026 26 अक्टूबर

द्वितीय चरण 31 अक्टूबर 2026 1 नवंबर

तृतीय चरण 6 नवंबर 2026 7 नवंबर

चतुर्थ चरण 16 नवंबर 2026 17 नवंबर

चरणवार कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण की लोकसूचना 8 अक्टूबर, दूसरे चरण की 13 अक्टूबर, तीसरे चरण की 19 अक्टूबर और चौथे चरण की 31 अक्टूबर को जारी होगी। पंच-सरपंच के लिए नामांकन मतदान से एक दिन पहले सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होगा। उसी दिन नामांकन पत्रों की जांच और दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी।

किस चरण में कौन-कौन से जिले?

यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। किसी जिले का नाम किसी चरण में होने का अर्थ यह नहीं है कि उस जिले की सभी पंचायत समितियों में उसी दिन मतदान होगा। कई बड़े जिलों की अलग-अलग पंचायत समितियां अलग-अलग चरणों में रखी गई हैं। इसलिए मतदाता को अपने गांव या पंचायत समिति की सूची जरूर देखनी होगी। चरणवार उपलब्ध सूची में जिले के अंतर्गत संबंधित पंचायत समितियां दी गई हैं।

पहला चरण — 25 अक्टूबर 2026

पहले चरण में उपलब्ध चरणवार सूची के अनुसार 17 जिलों की पंचायत समितियों में पंच-सरपंच का मतदान होगा। इनमें अजमेर, अलवर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड़, जोधपुर, कोटा, नागौर, पाली, फलौदी, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर शामिल हैं।

इस चरण में जैसलमेर और फलौदी जैसे पश्चिमी राजस्थान के जिले भी शामिल हैं। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर जैसे बड़े जिलों में भी कुछ पंचायत समितियों का मतदान इसी चरण में होगा। इसलिए इन जिलों के मतदाताओं को केवल जिले का नाम देखकर तारीख तय नहीं करनी चाहिए।

दूसरा चरण — 31 अक्टूबर 2026

दूसरे चरण में 22 जिलों की पंचायत समितियों को शामिल किया गया है। इनमें अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, नागौर, पाली, राजसमंद, सीकर, सिरोही और उदयपुर शामिल हैं।

इस चरण में भी कई ऐसे जिले हैं जिनकी पंचायत समितियां अलग-अलग चरणों में बांटी गई हैं। उदाहरण के लिए जयपुर, जोधपुर, सीकर, झुंझुनूं, उदयपुर और अन्य जिलों में सभी पंचायतों का मतदान एक ही तारीख पर नहीं होगा।

तीसरा चरण — 6 नवंबर 2026

तीसरे चरण में 26 जिलों की पंचायत समितियां शामिल हैं। सूची में बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डीग, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर शामिल हैं।

यानी तीसरे चरण में राजस्थान के पूर्वी, उत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों की पंचायत समितियों में मतदान होगा। इस चरण में जयपुर, जालोर, सीकर, झुंझुनूं, करौली और उदयपुर जैसे जिलों की कुछ पंचायत समितियां भी शामिल हैं।

चौथा चरण — 16 नवंबर 2026

अंतिम चरण में 23 जिलों की पंचायत समितियों में पंच-सरपंच चुनाव होंगे। इनमें बालोतरा, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, डीग, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जयपुर, जालोर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, प्रतापगढ़, सलूंबर, सवाई माधोपुर, सीकर, श्रीगंगानगर और टोंक शामिल हैं।

चौथे चरण के साथ पंच-सरपंच के चुनाव की मतदान प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इसके अगले दिन यानी 17 नवंबर को संबंधित क्षेत्रों में उपसरपंच के चुनाव होंगे। पंच और सरपंच के वोटों की गिनती मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर किए जाने की व्यवस्था है।

जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव कब होंगे?

पंच-सरपंच के चुनाव से अलग जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान चार अलग तारीखों पर होगा। इसमें ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा।

चरण जिला परिषद/पंचायत समिति मतदान

प्रथम चरण 23 अक्टूबर 2026

द्वितीय चरण 29 अक्टूबर 2026

तृतीय चरण 4 नवंबर 2026

चतुर्थ चरण 14 नवंबर 2026

इन चुनावों की खास बात यह है कि चारों चरणों में मतदान पूरा होने के बाद 20 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालयों पर मतगणना की जाएगी। इसके बाद जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान के चुनाव होंगे।

8 अक्टूबर से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण की लोकसूचना 8 अक्टूबर 2026 को जारी होगी। पहले चरण में नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तारीख 13 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर है। इसी दिन नाम वापसी का समय समाप्त होने के बाद चुनाव चिह्नों का आवंटन किया जाएगा।

दूसरे चरण में नामांकन की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर, तीसरे चरण में 23 अक्टूबर और चौथे चरण में 4 नवंबर 2026 निर्धारित है। संबंधित चरणों में नामांकन की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया भी आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी। उपलब्ध चुनाव कार्यक्रम में ये तारीखें अलग-अलग चरणों के लिए स्पष्ट रूप से दी गई हैं।

कितने प्रतिनिधि चुने जाएंगे?

इस चुनाव का आकार केवल सरपंच पदों तक सीमित नहीं है। राज्य में 1,403 जिला परिषद सदस्य, 8,245 पंचायत समिति सदस्य और 14,403 सरपंच चुने जाएंगे। इसके अलावा करीब 1.30 लाख वार्ड पंच भी ग्राम पंचायत स्तर पर चुने जाएंगे।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के बाद निर्वाचित सदस्य अपने-अपने स्तर पर जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। इस तरह पंचायत चुनाव का असर गांव से लेकर जिला स्तर के स्थानीय प्रशासन तक दिखाई देगा।

4.03 करोड़ से ज्यादा मतदाता डालेंगे वोट

राज्य निर्वाचन आयुक्त के अनुसार चुनाव में कुल 4,03,07,308 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 2,08,87,351 पुरुष, 1,94,19,789 महिलाएं और 168 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। चुनाव के लिए 45,384 मतदान केंद्र बनाए जाने हैं।

2020-21 के पिछले पंचायती राज चुनावों की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 6.22 प्रतिशत की वृद्धि बताई गई है। इसका मतलब है कि इस बार ग्रामीण राजस्थान में चुनावी प्रक्रिया में शामिल मतदाताओं की संख्या पहले की तुलना में अधिक है।

मतदान व्यवस्था भी दो तरह की

इस चुनाव में मतदान की व्यवस्था पद के अनुसार अलग रखी गई है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा, जबकि पंच और सरपंच के चुनाव मतपत्र/मतपेटी के जरिए कराए जाएंगे।

यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक ही ग्रामीण मतदाता को पंचायत के अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग पदों के लिए मतदान करना पड़ सकता है। इसलिए मतदाताओं के लिए अपने मतदान केंद्र, संबंधित पंचायत समिति और चुनावी चरण की जानकारी पहले से जांचना उपयोगी होगा।

चार जिलों में अलग रहेगी प्रमुख-प्रधान चुनाव की स्थिति

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम में बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा के जिला परिषद प्रमुख/उप प्रमुख तथा संबंधित पंचायत समितियों के प्रधान/उप प्रधान पदों को लेकर अलग व्यवस्था रखी गई है। इन संस्थाओं का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होना है, इसलिए इन पदों के चुनाव की तारीखें अलग से निर्धारित की जाएंगी।

इसका अर्थ यह है कि इन चार जिलों में पंचायती राज चुनाव की कुछ प्रक्रियाएं बाकी जिलों से अलग समय पर पूरी होंगी। इसलिए संबंधित जिलों के उम्मीदवारों और मतदाताओं को आयोग की अगली अधिसूचना पर विशेष नजर रखनी होगी।

अब गांव की राजनीति में क्या बदलेगा?

चुनाव कार्यक्रम जारी होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय राजनीतिक गतिविधियां बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, इस चुनाव का वास्तविक परिणाम केवल राजनीतिक दलों की गतिविधियों से तय नहीं होगा। स्थानीय स्तर पर उम्मीदवार की पहचान, पंचायत के मुद्दे, विकास कार्य, आरक्षण की स्थिति और मतदाताओं की भागीदारी भी चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।

इस बार पंचायत पुनर्गठन के बाद चुनाव हो रहे हैं। इसलिए कई ग्रामीण क्षेत्रों में यह भी महत्वपूर्ण सवाल है कि किस गांव को किस नई ग्राम पंचायत या पंचायत समिति में शामिल किया गया है और संबंधित पंचायत का चुनाव किस चरण में होगा। मतदाता को पुराने पंचायत क्षेत्र के आधार पर तारीख तय करने के बजाय नई चुनावी सूची और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की जानकारी देखनी चाहिए।

मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 में सबसे पहले अपनी ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और मतदान केंद्र की जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। खासकर जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर, सीकर, बाड़मेर, जालोर, बांसवाड़ा और अन्य बड़े जिलों में अलग-अलग पंचायत समितियां अलग-अलग चरणों में रखी गई हैं।

इसलिए केवल यह जानना पर्याप्त नहीं है कि आपके जिले में चुनाव किस महीने होंगे। सही जानकारी के लिए संबंधित पंचायत समिति और ग्राम पंचायत की चरणवार सूची देखना अधिक महत्वपूर्ण है। राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना और संबंधित जिला प्रशासन की सूचना को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।

राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2026 का कार्यक्रम जारी होने के साथ ही ग्रामीण राजस्थान में चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर मतदान की तारीखें हैं।

करीब 4.03 करोड़ मतदाताओं, 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों से जुड़ा यह चुनाव राजस्थान के ग्रामीण स्थानीय शासन के लिए व्यापक निर्वाचन प्रक्रिया है। अब सबसे बड़ा सवाल हर मतदाता के लिए यही है—आपके गांव में मतदान किस दिन होगा? इसका जवाब जिले के नाम से नहीं, बल्कि आपकी संबंधित पंचायत समिति और ग्राम पंचायत की चरणवार सूची से मिलेगा।

संपादकीय नोट: ऊपर दी गई चरणवार जिला सूची पंच-सरपंच चुनाव के उपलब्ध चरणवार कार्यक्रम पर आधारित है। कई जिलों की पंचायत समितियां अलग-अलग चरणों में हैं, इसलिए किसी विशेष गांव की अंतिम मतदान तारीख संबंधित आधिकारिक सूची से जरूर मिलाएं।

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