पुंडरी धान खरीद में देरी: किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

धान खरीद में देरी पर भड़के किसान, भाकियू चढूनी ने दी आर-पार की चेतावनी*
कल तक ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ वेरिफाई नहीं हुआ तो मार्किट कमेटी व तहसील कार्यालय पहुंचेंगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां : विक्रम कसाना एडवोकेट
_पुंडरी /02 अक्टूबर 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स _
भारतीय किसान यूनियन (चढुनी)की मंडी में धान खरीद तत्काल शुरू करने और ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर वेरिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर किसानों का गुस्सा अब बढ़ता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट के नेतृत्व में कोर कमेटी की टीम पुंडरी मार्किट कमेटी सचिव को मिली। जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताया गया। पुंडरी मंडी में धान की खरीद शुरू नहीं होने से किसान अपनी फसल लेकर परेशान हैं, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसानों का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर वेरिफिकेशन लंबित है। किसानों ने इसे गंभीर प्रशासनिक समस्या बताते हुए संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
“कल तक समाधान नहीं तो कार्यालयों में खड़ी होंगी ट्रॉलियां”
युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कल तक ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल का वेरिफिकेशन नहीं हुआ, तो किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर मार्किट कमेटी कार्यालय और तहसील कार्यालय में पहुंचकर खड़ी करेंगे।
जिला अध्यक्ष गुरनाम फरल ने कहा कि किसान अपनी मेहनत से पैदा की गई फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहा है, लेकिन सरकारी प्रक्रिया में देरी के कारण उसे परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों की मांग है कि पोर्टल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तत्काल पूरा करवाया जाए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पुंडरी मंडी में धान की खरीद तुरंत प्रभाव से शुरू नहीं की गई, तो किसान संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होगा। किसानों ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सड़क पर उतरकर रोड जाम किया जाएगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर लंबित वेरिफिकेशन तुरंत पूरा किया जाए।
पुंडरी मंडी में धान की सरकारी खरीद तत्काल शुरू की जाए।
किसानों को फसल बेचने में आ रही प्रशासनिक अड़चनों का समयबद्ध समाधान किया जाए।
मंडी में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाकर किसानों को अनावश्यक परेशानी से तत्काल राहत दी जाए।
भाकियू चढूनी ने कहा कि किसान की फसल मंडी में पड़ी रहे और सरकारी खरीद प्रक्रिया शुरू न हो, यह स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन समय रहते किसानों की समस्याओं का समाधान करे, अन्यथा किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।