भारत का संविधान तय करता है नागरिक और राज्य का संबंध: डॉ. एल. मुरुगन ने जिंदल पॉलिसी कॉन्क्लेव में की शिरकत

भारत का संविधान तय करता है नागरिक और राज्य का संबंध: डॉ. एल. मुरुगन ने जिंदल पॉलिसी कॉन्क्लेव में की शिरकत

डॉ. एल. मुरुगन, जो कि भारत सरकार में सूचना और प्रसारण तथा संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री हैं, उन्होंने ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में आयोजित दूसरे जिंदल पॉलिसी कॉन्क्लेव 2026 में मुख्य संबोधन दिया। इस कार्यक्रम की थीम 'ए यंग इंडिया एट द ग्लोबल स्टेज' रखी गई थी। उन्होंने कहा कि पब्लिक पॉलिसी का मार्गदर्शन भारत के संविधान द्वारा किया जाना चाहिए। यह संविधान नागरिक और राज्य के बीच के संबंध को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है। इसके अलावा, यह मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है, संस्थागत जवाबदेही तय करता है और समावेशी राष्ट्रीय विकास के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान करता है।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा इस तरह के मंच का निर्माण करने के लिए उन्होंने बधाई दी, जो कानून, पब्लिक पॉलिसी, गवर्नेंस और उन युवा दिमागों को एक साथ लाता है जो देश के भविष्य को आकार देने का काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आप सभी भारतीय इतिहास की सबसे रोमांचक पीढ़ी का हिस्सा हैं क्योंकि आप देश के भावी नेता बनने जा रहे हैं। भारत सरकार ने कई ऐसी पहल की हैं जो यह दर्शाती हैं कि किस प्रकार पॉलिसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को एक्शन प्रोग्राम में बदल सकती है।

कानून, पॉलिसी और क्रिएटिव इकोनॉमी पर विशेष जोर

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कानून, पॉलिसी और क्रिएटिव इकोनॉमी पर अपने विस्तृत भाषण के दौरान मंत्री जी ने आगे कहा कि भविष्य के वकीलों को केवल कानूनों और फैसलों को ही नहीं समझना होगा, बल्कि उन्हें टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, संस्कृति और बिजनेस मॉडल की भी पूरी समझ रखनी होगी। काम की बदलती प्रकृति के तहत, भविष्य के उद्यमियों को केवल बाजारों और फाइनेंस की ही जानकारी नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें स्टोरीटेलिंग, डिजाइन, पॉलिसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उस भरोसे को भी समझना होगा जो लंबे समय तक चलने वाले ब्रांड बनाता है। भविष्य के पत्रकारों को केवल तथ्यों और हेडलाइंस तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म, एल्गोरिदम, नैतिकता और गलत सूचनाओं से भी अवगत रहना चाहिए।

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के कुलपति का संबोधन

अपने स्वागत भाषण में, ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के फाउंडिंग वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) सी. राज कुमार ने कहा कि वे डॉ. एल. मुरुगन के आभारी हैं कि उन्होंने इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन भाषण दिया। उन्होंने कहा कि पॉलिसी कॉन्क्लेव के संदर्भ में हमें यह याद रखना चाहिए कि विश्वविद्यालय ऐसी संस्थाएं हैं जिनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे सत्ता के सामने सच बोलें और हमारे समय की बड़ी चुनौतियों का गहराई से सामना करें। उन्होंने जिंदल स्कूल ऑफ गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी के एलुम्नी और अन्य स्कूलों के छात्रों को भी श्रद्धांजलि दी जिन्होंने मिलकर इस कॉन्क्लेव का आयोजन किया है।

जिंदल पॉलिसी कॉन्क्लेव 2026 की मुख्य बातें

जिंदल पॉलिसी कॉन्क्लेव 2026 एक स्टूडेंट-लेड पब्लिक पॉलिसी कॉन्फ्रेंस है जिसे जिंदल स्कूल ऑफ गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी (JSGP) द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 18 से 19 सितंबर 2026 को यूनिवर्सिटी के सोनीपत कैंपस में हो रहा है। इस दूसरे संस्करण में 30 प्रतिष्ठित आवाज़ों को एक साथ लाया गया है, जिसमें पॉलिसीमेकर, सांसद, शिक्षाविद, सिविल सेवक, पत्रकार और प्रैक्टिशनर शामिल हैं। ये सभी लोग दो दिनों तक उन मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं जो एक युवा भारत को आकार दे रहे हैं।

सात विषयगत पैनल और सत्र

दो दिनों तक चलने वाले इस कॉन्क्लेव में सात विषयगत पैनल शामिल हैं जो संघवाद और क्षेत्रवाद, कृषि अर्थव्यवस्था और कृषि सुधार, रक्षा और सैन्य विनिर्माण, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और गलत सूचना, नौकरियां और रोजगार, युवा लोकतांत्रिक भागीदारी, और महिलाओं की सुरक्षा, भागीदारी और जीवन की वास्तविकताओं पर चर्चा कर रहे हैं।

जिंदल स्कूल ऑफ गवर्नमेंट एंड पब्लिक पॉलिसी के डीन प्रोफेसर आर. सुदर्शन ने शुरुआती भाषण देते हुए कहा कि डॉ. एल. मुरुगन भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी के एक प्रमुख वास्तुकार के रूप में उभरे हैं। उन्होंने पांच प्रमुख नॉलेज रिपोर्ट्स भी लॉन्च कीं जो यह दर्शाती हैं कि डेटा-आधारित अनुसंधान कैसे उद्योग की रणनीति का मार्गदर्शन कर सकता है और साक्ष्य-आधारित पॉलिसीमेकिंग में मदद कर सकता है।

कीनोट एड्रेस और अन्य प्रतिष्ठित वक्ता

कीनोट एड्रेस हार्वर्ड लॉ स्कूल के कानून के लेक्चरर और सेंट्रल तिब्बतन प्रशासन के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) लोब्संग सांगये द्वारा दिया गया। उन्होंने कहा कि युवाओं को बिना किसी निराशा या असफलता के डर के समाज में योगदान देना चाहिए। अन्य विशिष्ट वक्ताओं में एडमिरल (सेवानिवृत्त) दिनेश कुमार त्रिपाठी, सांसद इकरा चौधरी, कांता सिंह और प्रियंका चतुर्वेदी शामिल हैं। हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारी टी. एल. सत्यप्रकाश वाइंडिक्टरी एड्रेस देंगे।

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