अवैध है पिस्ता हाउस लखनऊ का रेस्टोरेंट के रूप में उपयोग, आईजीआरएस शिकायत के बाद फायर विभाग की जांच में सामने आईं कई कमियां

अवैध है पिस्ता हाउस लखनऊ का रेस्टोरेंट के रूप में उपयोग, आईजीआरएस शिकायत के बाद फायर विभाग की जांच में सामने आईं कई कमियां

लखनऊ में स्थित पिस्ता हाउस की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। आर.टी.आई. और आईजीआरएस एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने जनहित में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत का बड़ा असर देखने को मिला है। अग्निशमन विभाग ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद विभाग ने अपनी रिपोर्ट पुलिस आयुक्त, लखनऊ को भेज दी है।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लखनऊ की ओर से 2 सितंबर 2026 को यह आख्या जारी की गई थी। इस जांच रिपोर्ट के अनुसार संबंधित भवन बेसमेंट, भूतल और तीन अन्य तलों का बना हुआ है। भवन की कुल ऊंचाई 14.85 मीटर बताई गई है। जांच में यह भी सामने आया कि भवन में उपलब्ध दोनों सीढ़ियों की चौड़ाई 1.45 मीटर और 1.20 मीटर है। हालांकि, तय मानकों के अनुसार सीढ़ी की चौड़ाई 1.50 मीटर होनी चाहिए थी।

अग्निशमन विभाग के निरीक्षण के दौरान भवन में कई सुरक्षा उपकरण मौजूद मिले। भवन में होजरील सिस्टम और मैनुअली ऑपरेटेड इलेक्ट्रिक फायर अलार्म सिस्टम उपलब्ध पाया गया। इसके अलावा, बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम, डाउनकमर सिस्टम, 15,000 लीटर क्षमता का टेरेस टैंक और 900 एलपीएम क्षमता का टेरेस पंप भी मिला है।

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जांच रिपोर्ट में कुछ अन्य अतिरिक्त व्यवस्थाओं की आवश्यकता भी बताई गई है। विभाग के अनुसार भवन में एबीसी एवं सीओ2 फायर एक्सटिंग्विशर की जरूरत है। इसके अलावा ऑटोमैटिक स्मोक डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर सिस्टम और 1 लाख लीटर क्षमता के भूमिगत टैंक की आवश्यकता बताई गई है। साथ ही निर्धारित क्षमता के फायर पंप, विद्युत वायरिंग का सुरक्षा ऑडिट और स्मोक एक्सट्रैक्शन सिस्टम की भी जरूरत है।

भवन के उपयोग को लेकर सबसे बड़ा खुलासा

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण खुलासा यह सामने आया है कि इस भवन के लिए 9 फरवरी 2024 को ऑक्युपेंसी के अंतर्गत अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र लिया गया था। लेकिन वर्तमान समय में इस भवन का उपयोग एक रेस्टोरेंट के रूप में किया जा रहा है। अग्निशमन विभाग ने इसे जारी किए गए प्रमाण पत्र के विपरीत और पूरी तरह नियम विरुद्ध बताया है। इसी नियम विरुद्ध उपयोग के आधार पर भवन प्रबंधन या स्वामी को 31 अगस्त 2026 को नोटिस जारी किया गया है।

उर्वशी शर्मा की जनहित पहल और सामाजिक भूमिका

इस पूरी कार्रवाई में सामाजिक कार्यकर्ता उर्वशी शर्मा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। उर्वशी शर्मा ने जनसुरक्षा और अग्नि सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को आईजीआरएस पोर्टल पर उठाया था। उनकी इस शिकायत के कारण ही मामला केवल कागजों तक सीमित नहीं रहा। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जमीनी हकीकत की जांच की।

उर्वशी शर्मा लंबे समय से आरटीआई और आईजीआरएस के माध्यम से जनहित के मुद्दों को उठाती रही हैं। उनकी इस पहल से सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को जवाबदेह बनाने में मदद मिली है। इस प्रकार के नागरिक प्रयासों से प्रशासन को भी तुरंत कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

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